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ना‘पाक’ हरकत: जम्मू-कश्मीर की कृष्णा घाटी में पाकिस्तानी सेना ने किया सीजफायर का उल्लंघन, सेना का एक जवान शहीद

ना‘पाक’ हरकत: जम्मू-कश्मीर की कृष्णा घाटी में पाकिस्तानी सेना ने किया सीजफायर का उल्लंघन, सेना का एक जवान शहीद

हाईलाइट

  • पाक सेना ने कृष्णाघाटी सेक्टर में LOC पर संघर्षविराम का उल्लंघन किया
  • भारतीय सेना ने भी पाक की ओर से की जा रही गोलीबारी का जवाब दिया
  • बुधवार को भी पाक सैनिकों ने अखनूर सेक्टर में LOC पर गोलीबारी की थी

डिजिटल डेस्क, जम्मू। पाकिस्तान अपनी ना‘पाक’ हरकत से बाज नहीं आ रहा है। आए दिन वह नियंत्रण रेखा (LOC) पर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। गुरुवार को भी एक बार फिर पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले में कृष्णाघाटी सेक्टर में LOC पर संघर्षविराम का उल्लंघन किया। इस दौरान सीमा पार से भारी गोलाबारी की गई। इससे एक भारतीय जवान की मौत हो गई। वहीं भारतीय सेना ने भी पाक की ओर से की जा रही गोलीबारी का जवाब दिया।

जानकारी के अनुसार पाक सेना की ओर से की गई गोलीबारी के दौरान भारतीय सेना के हवलदार निर्मल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान सैनिक की मौत हो गई। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि सिंह एक बहादुर और ईमानदार सैनिक थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए उनका ऋणी रहेगा।

पुंछ में कई सेक्टरों में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन में तेजी आई है और पाकिस्तान ने लंबी दूरी के मोर्टार और छोटे हथियारों के साथ रिहायशी इलाकों और रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया है। सेना का कहना है कि वह नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान द्वारा आक्रामकता के सभी कृत्यों का लाभ दे रही है। बता दें कि बुधवार को भी पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में LOC पर गोलीबारी की थी। इस गोलीबारी में चार जवान घायल हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सैनिक की मौत पर दुख जताया है। शहीद सैनिक को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि हम देश की अखंडता और संप्रभुता सुनिश्चित करने की दिशा में उनके सर्वोच्च बलिदानों के लिए वर्दी में अपने आदमियों के सदा ऋणी हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को दुख की घड़ी में दिवंगत आत्मा और शक्ति की शांति के लिए प्रार्थना की।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।