ओमिक्रॉन की दहशत : कैसे होगा कोरोना के नए वेरिएंट की जांच? इस टेस्ट में डिटेक्ट हो सकता है ओमिक्रॉन, जानिए क्या भारत में है इसकी सुविधा

November 29th, 2021

हाईलाइट

  • पीसीआर टेस्ट से डिटेक्ट किया जा सकता है ओमिक्रॉन

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। भारत में दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वैरिएंट ने जमकर तबाही मचाई थी और अब दुनिया के साथ-साथ भारत पर भी ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि, ऐसा कौन सा टेस्ट है, जिसमें ओमिक्रॉन की पहचान हो सकती है। तो, इसका जवाब है "PCR टेस्ट"। रविवार को डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इसे पीसीआर टेस्ट से डिटेक्ट किया जा सकता है। लेकिन, इस बात का भी अध्ययन किया जा रहा है कि, क्या इसका प्रभाव अन्य टेस्ट पर भी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पीसीआर टेस्ट भारत में होता है। साथ ही ये विश्वभर के ज्यादातर देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन, अध्ययन इस बात का किया जा रहा है कि, क्या ये पीसीआर के अलावा  रेपिड एंटिजन डिटे​क्शन टेस्ट सहित अन्य टेस्ट पर भी इसका कोई प्रभाव है या फिर नहीं। ओमिक्रॉन का पहला केस 24 नवंबर 2021 को साउथ अफ्रीका में मिला था। दक्षिण अफ्रीका के अलावा ये यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, बोत्सवाना, हांगकांग और इजराइल में भी पाया गया है।

WHO ने बताया चिंताजनक
बता दें कि, इस वेरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंताजनक बताया है। डेल्टा वेरिएंट को भी WHO ने वेरिएंट ऑफ कंसर्न (VoC) घोषित किया था और अब ओमिक्रॉन को भी वेरिएंट ऑफ कंसर्न (VoC) घोषित किया गया है। इस वेरिएंट में अब तक 32 म्यूटेशन देखे गए है। इससे पहले लैम्बडा वैरिएंट में सबसे अधिक 7 म्यूटेशनों के बारे में पता लगा था। ये कोरोना का अब तक का सबसे खतरनाक वेरिएंट है। 

दक्षिण अफ्रीका है प्रभावित
इस वेरिएंट से सबसे ज्यादा दक्षिण अफ्रीका प्रभावित है, जिसकी वजह से ज्यादातर देशों ने साउथ अफ्रीका की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने इस बात की निंदा की है। वहीं WHO ने कहा है कि, ये बात अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है कि, ओमिक्रॉन एक व्यक्ति से दूसरे तक आसानी से फैल सकता है या फिर नहीं? लेकिन, इससे बचाव के लिए आपको अनिवार्य रुप से मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखना चाहिए।