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पीएम ने इमरजेंसी को बताया ‘काला दौर’, मुंबई में कांग्रेस पर किया वार

June 26th, 2018 17:20 IST

हाईलाइट

  • पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मुंबई में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (AIIB) की तीसरी सालाना बैठक की शुरुआत की।
  • मोदी ने कहा हम संविधान की रक्षा के लिए कदम उठाते हैं।
  • आखिरी में 'लोकतंत्र अमर रहे' का नारा लगाया।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मुंबई में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (AIIB) की तीसरी सालाना बैठक की शुरुआत की। इसके बाद 1975 की इमरजेंसी के खिलाफ बीजेपी के काला दिवस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला किया। आखिरी में 'लोकतंत्र अमर रहे' का नारा लगाया।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, जो भय फैलाया जा रहा है,वह उनकी पुरानी आदत है। हम संविधान की रक्षा के लिए कदम उठाते हैं। जिस पार्टी के अंदर लोकतंत्र न हो, उस पार्टी से लोकतंत्र की प्रतिबद्धता की कभी कल्पना नहीं कर सकते।

पीएम मोदी ने कहा, आपातकाल के दौरान मीडिया को डराया गया। न्यायपालिका को भी भयभीत किया गया। पीएम ने कहा जब स्व सुख के लिए स्वयं के दल को तबाह कर दिया गया, उसी दिन संकेत मिल गए थे कि इनके लिए परंपराएं, मूल्य, देश, लोकतंत्र, संविधान कोई मायने नहीं रखता है।


 

पीएम मोदी ने इमरजेंसी को बताया 'काला दौर'

इससे पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर इमरजेंसी की आलोचना करते हुए ट्वीट में लिखा, पूरा देश इमरजेंसी को एक 'काले दौर' (डार्क पीरियड) के रूप में याद करता है। उस काले दौर में डर का माहौल पैदा किया गया था। उस वक्त राजनीतिक शक्ति के लिए सिर्फ जनता ही नहीं बल्कि विचार और कलात्मक आजादी को भी बंधक बनाया गया।

पीएम मोदी ने ये भी लिखा है, मैं सभी पुरुषों और महिलाओं के जज्बे को सलाम करता हूं, जिन्होंने आपातकाल का पुरजोर विरोध किया। पीएम मोदी ने कहा 43 साल पहले लागू किए गए आदेश को भारत 'अंधकार युग' के तौर पर याद रखेगा, जहां सभी संस्थानों को दबाया गया।

पीएम मोदी ने इमरजेंसी के दौरान के दमनकारी आदेशों की आलोचना करते हुए भारतीय लोकतंत्र को और मजबूत बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, लिखना, बहस करना, सवाल करना लोकतंत्र के महत्वपूर्ण पहलू हैं। कोई भी ताकत संविधान के बुनियादी सिद्धातों को नहीं कुचल सकती है।

इंदिरा गांधी ने हिटलर की तरफ काम किया- अरुण जेटली

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की तुलना जर्मनी के क्रूर तानाशाह एडोल्फ हिटलर से की है। जेटली ने सोमवार को फेसबुक पोस्ट में इंदिरा गांधी की तुलना हिटलर से करते हुए लिखा कि दोनों ने ही संविधान की धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने आम लोगों के लिए बने संविधान को तानाशाही के संविधान में बदल दिया। हिटलर ने संसद के ज्यादातर विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करवा लिया था और अपनी अल्पमत की सरकार को संसद में दो तिहाई बहुमत के रूप में साबित किया।  

जेटली ने लिखा, इंदिरा गांधी ने भी संसद के अधिकांश विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करवाया और उनकी अनुपस्थिति में दो तिहाई बहुमत साबित कर संविधान में कई सारे संशोधन करवा लिए।


गौरतलब है कि 26 जून 1975 को यानि आज से 43 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगाई थी। उस दिन सुबह 8 बजे इंदिरा गांधी ने रेडियो पर आपातकाल का ऐलान किया था। अब इमरजेंसी की वर्षगांठ पर बीजेपी 'ब्लैक डे' मना रही है। 

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