दैनिक भास्कर हिंदी: मोदी ने किया दुनिया के दूसरे सबसे बड़े डैम का उद्घाटन, देखें वीडियो

September 18th, 2017

डिजिटल डेस्क, गांधीनगर। अपने 67वें जन्मदिन पर भी मोदी थके नहीं और रूके नहीं हैं। वो लगातार काम करते जा रहे हैं। आज जन्मदिन की शुरुआत मां के आशीर्वाद से करते हुए मोदी ने 56 साल से अटकी सरदार सरोवर बांध परियोजना की नई शुरुआत की। सरदार सरोवर बांध अमेरिका के ग्रांड कोली डैम के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। इस बांध के निर्माण से गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को लाभ होगा। 

इसके बाद मोदी नेशनल ट्राइबल फ्रीडम फाइटर्स म्यूजियम का उद्घाटन करने पहुंचे यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित कियाा। जनसभा को संबोधित करते हुए सरदार सरोवर बांध पर मोदी ने कहा ' देश के महापुरुषों में सरदार वल्लभ भाई पटेल और बाबासाहब अंबेडकर कुछ साल और जिंदा रहते तो सरदार सरोवर डैम बहुत पहले बन गया होता, लेकिन बदकिस्मती से हमने उन्हें बहुत पहले खो दिया। 

सरदार पटेल की आत्मा को मिलेगी शांति 
मोदी ने आगे कहा कि इस बांध के बनने में करीब 56 साल लग गए। इसके खिलाफ कई षडयंत्र किए गए। लेकिन इसे बनाकर ही दम लिया गया। उन्होंने कहा कि बांध के लिए देश के पहले गृह मंत्री सरदरा वल्लभ भाई पटेल ने अहम भूमिका निभाई थी। पीएम ने कहा कि आज इस बांध के उद्घाटन के बाद सरदार पटेल की आत्मा जहां भी होगी हमें आर्शीवाद देगी।

पीएम के मुताबिक देश में सूखे और बाढ़ जैसी भयानक समस्या से निजात पाने में नर्मदा पर बना ये बांध अहम रोल निभाएगा। पीएम ने कहा कि उन्होंने खुद पानी की कमी क्या होती है इसे महसूस किया है, लेकिन बरसों पहले नर्मदा का पानी सीमा से सटे इलाकों तक ले जाने का लिया संकल्प अब पूरा होगा। पाइपलाइन की मदद से सीमा से सटे इलाकों में पानी पहुंचाया जाएगा।

बांध को लेकर आई सबसे बड़ी परेशानियों में ये था कि विश्व बैंक ने पर्यावरण का हवाला देकर योजना से अपने हाथ पीछे खींच लिए थे। लेकिन देशवासियों ने इसके लिए दृढ़ सकंल्प लिया था। अड़चनों के बावजूद नर्मदा बांध बनाकर ही दम लिया गया।

स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से ऊंचा है सरदार पटेल का स्मारक
मोदी ने कहा कि सभी जानते हैं कि 'मुझे छोटा काम भाता नहीं है। न मैं छोटा सोचता हूं और न छोटा काम करता हूं और इसीलिए मैंने सरदार साहब का स्टैच्यू बनाने का फैसला लिया, तो तय किया कि स्टैच्यू सबसे ऊंची होगी। अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंची। आप कल्पना कर सकते हैं कि स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को देखने कितने लोग जाते हैं और यही गुजरात में होने वाला है। लाखों लोग सरदार पटेल की प्रतिमा देखने आएंगे। अपने संबोधन के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह को नमन किया।

ऐतिहासिक है आज का दिन- नितिन गडकरी
इस मौके पर जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है। आज ही प्रधानमंत्री का जन्मदिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं कि उन्होंने इतना बड़ा गिफ्ट देश को दिया। इस राह में कई बाधाएं थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी बाधाओं से लड़ाई लड़ी और इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझे रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी है। मैं उन्हें आश्वस्त करता हूं कि प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए अगले तीन महीने में प्रोजेक्ट से जुड़े तीन उद्घाटन किए जाएंगे। हम 90 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।