comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

NYT में PM मोदी ने 'बापू' पर लिखा लेख, बताया- क्यों है गांधी की जरूरत

NYT में PM मोदी ने 'बापू' पर लिखा लेख, बताया- क्यों है गांधी की जरूरत

हाईलाइट

  • New York Times में पीएम मोदी का लेख
  • गांधी के प्रति व्यक्त अपने विचार
  • लिखा- हम दुनिया के साथ और दुनिया के लिए कुछ करना चाहते हैं

डिजिटल डेस्क नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने New York Times में एक लेख लिखा है। पीएम मोदी ने अपने लेख का शीर्षक 'भारत और विश्व को गांधी की जरूरत क्यों है' बनाया। मोदी ने इस लेख में महात्मा गांधी के प्रति अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि कैसे उनकी सरकार गांधीजी के सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रही है।

पीएम मोदी ने अपने लेख की शुरूआत 'मार्टिन लूथर किंग' की भारत यात्रा के साथ की। उन्होंने लिखा कि जब लूथर किंग भारत आए थे तब उन्होंने कहा था कि "मैं बाकी देशों में एक टूरिस्ट बनकर जा सकता हूं, लेकिन भारत में मैं एक तीर्थयात्री के रूप में आता हूं।" मोदी ने बताया कि 'वो महात्मा गांधी ही थे जिनकी प्रेरणा के प्रकाश से भारत को लूथर किंग मिले।' बता दें कि लूथर किंग अमेरिका के महान नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र में नागरिक अधिकारों के आंदोलन का नेतृत्व किया था।

मोदी ने अपने लेख में बताया कि "1925 में, गांधीजी ने यंग इंडिया में लिखा था कि 'बिना राष्ट्रवादी बने किसी का अंतर्राष्ट्रीय बनना नामुमकिन है। अंतर्राष्ट्रीयता तभी मुमकिन है जब राष्ट्रवाद एक यथार्थ बन जाए।" गांधीजी के बारे में मोदी ने लिखा कि 'मजदूरों को अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने मजदूर महाजन संघ की स्थापना की। आपको देखकर लगेगा कि ये कोई साधारण संगठन होगा, लेकिन गांधीजी के कई कदमों की वजह से इस संगठन का काफी असर दिखा। गांधीजी चाहते थे कि लोग मजदूरों का भी सम्मान करे इसलिए उन्होंने मजदूरों के नाम के साथ महाजन जोड़ दिया।'

अपने लेख के जरिए पीएम मोदी ने बताया कि 'हम (BJP सरकार) भारत में अपना काम कर रहे हैं। जब भी गरीबी दूर करने की बात आती है तो सबसे पहले उसमें भारत का नाम आता है। देश में हमारी स्वच्छता की कोशिशों ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।'

उन्होंने लिखा 'अंतर्राष्ट्रीय सोलर गठबंधन की तरह भारत भी अपनी कोशिशों से नए संसाधनों का उपयोग करने में आगे बढ़ रहा है, जो एक स्थायी भविष्य के लिए सौर ऊर्जा का लाभ उठाने के लिए कई देशों को एक साथ लाया है।' साथ ही इस लेख में उन्होंने बताया कि 'हम दुनिया के साथ और दुनिया के लिए और भी कुछ करना चाहते हैं।'

कमेंट करें
NAOvW
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।