दैनिक भास्कर हिंदी: कांग्रेस के "उपहास' से उपराजधानी के भाजपाइयों ने लिया सबक, होटल, ठेलों से दूर रहे

April 13th, 2018

डिजिटल डेस्क ,नागपुर। कांग्रेस के आंदोलन में हुए उपहास से शहर के भाजपाईयों ने सबक लेते हुए होटल व ठेलों से दूरी बनाए रखी। बता दें सहयोगी पार्टियों द्वारा संसद का बजट सत्र नहीं चलने के खिलाफ भाजपा ने  संसद के सम्मान में उपवास आंदोलन किया। सुबह 9 से शाम 5.30 बजे तक भाजपा के सांसद, विधायक और नगरसेवक उपवास पर रहे। राज्यसभा सदस्य डॉ. विकास महात्मे का निर्जल उपवास रहा। उन्होंने सुबह से शाम तक पानी की एक बूंद भी नहीं पी।  पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शाम को उन्हें पानी पिलाकर निर्जल उपवास तुड़वाया। कांग्रेस के उपवास (उपहास) आंदोलन से सबक लेते हुए भाजपा ने अपने सभी सदस्यों को उपवास स्थल के करीब किसी भी होटल या ठेले से दूर रहने की हिदायत दे रखी थी। ऐसे में सभी होटल व ठेलों से दूर रहे। 

ससंद की कार्यवाही ठप रखने कांग्रेस जिम्मेदार
उपवास आंदोलन के दौरान भाजपा पदाधिकारियों ने कांग्रेस को लोकतंत्र के लिए घातक बताया। राज्यसभा सदस्य डॉ. विकास महात्मे ने कहा कि संसद का बजट सत्र नहीं चलने देने के लिए पूरी तरह कांग्रेस जिम्मेदार है। पूरे 23 दिन संसद की कार्यवाही ठप रही। प्रधानमंत्री जब भी राज्यसभा में बोलने के लिए खड़े होते, कांग्रेस सदस्य हंगामा कर बोलने नहीं देते। राज्यसभा के प्रतिपक्ष नेता गुलामनबी आजाद उन्हें शांत रहने कहते, लेकिन सुनियोजित साजिश के तहत प्रधानमंत्री को बोलने नहीं दिया जाता।

कांग्रेस विकास विरोधी
पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस को विकास विरोधी बताते हुए कहा कि, हमने कोराडी, रामटेक, ड्रैगन पैलेस, दीक्षाभूमि के लिए करोड़ों रुपए उपलब्ध कराए। काम भी शुरू हो गया, लेकिन कांग्रेस सिर्फ घोषणाएं करती रही। एक फूटी कौड़ी उपलब्ध नहीं करायी। विधायक व शहर भाजपा अध्यक्ष सुधाकर कोहले ने कहा कि, कांग्रेस ने 23 दिन संसद को चलने नहीं दिया। लोकसभा में 1 प्रतिशत और राज्यसभा में 6 प्रतिशत सिर्फ काम हुआ। कांग्रेस की वजह से संसद में न चर्चा हुई और न कोई निर्णय। इसलिए हम जनता की अदालत में इसे लेकर पहुंचे हैं। विधायक प्रा. अनिल सोले ने कहा कि, कांग्रेस मुद्दा विहीन पार्टी है। मुद्दे नहीं होने की वजह से वह हंगामा करती है।  विधानसभा-विधानपरिषद में भी यहीं स्थिति है। वे चर्चा के लिए इसलिए तैयार नहीं होते है कि कहीं उनकी पोल न खुल जाए।

विधायक खोपडे, महापौर नहीं आ पाए
इस अवसर पर पूर्व सांसद अजय संचेती, विधायक डॉ. मिलिंद माने, सुधाकर देशमुख, गिरीश व्यास, विकास कुंभारे, मल्लिकार्जुन रेड्डी, जिप अध्यक्ष निशा सावरकर, जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव पोतदार,  नगरसेवक प्रवीण दटके, दयाशंकर तिवारी, बंटी कुकडे, धर्मपाल मेश्राम आदि शामिल हुए। विधायक कृष्णा खोपडे, महापौर नंदा जिचकार इस उपवास आंदोलन में शामिल नहीं हो पायी। संविधान चौक में संसद बचाओ देश बचाओ, संसद चलने दो, देशहित में काम करो के नारे लगाकर कांग्रेस को दलितों को भड़काने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया गया।

ये रहे मौजूद
आंदोलन में अल्पसंख्य मोर्चा अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी, सुभाष पारधी, अर्चना डेहनकर, संदीप जाधव, अमोल ठाकरे, विलास त्रिवेदी, कीर्तिदा अजमेरा, अरविंद गजभिये, संजय टेकाडे, किशोर पलांदूरकर, चंदन गोस्वामी, प्रमोद पेंड़के, दिव्या धुरड़े, वंदना यंगतवार, किशोर पाटील आदि उपस्थित थे।