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पीएम मोदी ने किया उपराष्ट्रपति की किताब का विमोचन, कहा- अनुशासन को विपक्ष तानाशाही कहता है

September 02nd, 2018 21:09 IST
पीएम मोदी ने किया उपराष्ट्रपति की किताब का विमोचन, कहा- अनुशासन को विपक्ष तानाशाही कहता है

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की किताब का रविवार को दिल्ली में विमोचन किया।
  • मोदी ने नायडू की तारीफ करते हुए इशारों में विपक्ष पर तंज भी कस दिया।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सदन ठीक से चलता है तो लोगों का इस बात पर ध्यान नहीं जाता कि कुर्सी पर कौन बैठा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की किताब का रविवार को दिल्ली में विमोचन किया। मोदी ने नायडू की तारीफ करते हुए इशारों में विपक्ष पर तंज भी कस दिया। उन्होंने कहा, 'वेंकैयाजी अनुशासन का पालन करने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन मौजूदा समय में अनुशासन की बात करने वाले को तनाशाह कहा जाता है। वर्तमान में अनुशासन को अलोकतांत्रिक मान लिया जाता है। उपराष्ट्रपति ने मूविंग ऑन... मूविंग फॉरवर्ड: अ इयर इन ऑफिस नामक किताब लिखी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सदन ठीक से चलता है तो लोगों का इस बात पर ध्यान नहीं जाता कि कुर्सी पर कौन बैठा है, उसमें कितनी क्षमता है? लेकिन जब सदन की कार्रवाई नहीं चलती तो लोगों का ध्यान इस बात पर ही रहता है कि कुर्सी पर कौन बैठा है। वह किस तरह अनुशासन लाता है, कैसे सबको रोक रहा है। इसलिए वेंकैया नायडू को करीब से देखने का सौभाग्य देश को मिला।

 
अटलजी से मांगा था ग्रामीण विकास मंत्रालय
पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय का एक वाकया याद करते हुए कहा। वेंकैयाजी को अटलजी कोई मंत्रालय देना चाहते थे, लेकिन वेंकैयाजी ने कहा कि वे ग्रामीण विकास मंत्रालय चाहते हैं। वे दिल से किसान हैं, इसलिए कृषि और किसानों के हित में काम करना चाहते हैं।


हर कार्यक्रम में पहुंचते हैं समय पर
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर कार्यक्रम में वेंकैयाजी समय पर पहुंच जाते हैं। उनके बारे में सुनकर हमें गर्व होता है। वेंकैयाजी कभी कलम, पैसे और घड़ी अपने पास नहीं रखते। इसके बाद भी हर कार्यक्रम में वे समय पर पहुंचते हैं। 


मनमोहन सिंह ने कहा, इश्क के इम्तहान और भी
वेकैंया नायडू ने अपनी किताब में बतौर उपराष्ट्रपति अपने कार्यकाल के एक साल की यात्रा का वर्णन किया। किताब विमोचन के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वेंकैयाजी ने उपराष्ट्रपति, राजनीतिक और प्रशासनिक दफ्तर में काम किया। यह सब उनके अनुभवों में भी दिखता है। सिंह ने कहा कि एक कवि ने कहा है, सितारों के आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क के इम्तहान और भी हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।