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बंगाल : पीएम की रैली में गिरा पंडाल, 22 जख्मी, घायलों से मिले मोदी

September 25th, 2018 14:31 IST
बंगाल : पीएम की रैली में गिरा पंडाल, 22 जख्मी, घायलों से मिले मोदी

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज ममता के गढ़ पश्चिम बंगाल में रैली को संबोधित करेंगे।
  • पीएम मोदी बंगाल के मिदनापुर जाएंगे।
  • पीएम मोदी ‘मिशन बंगाल’ की भी शुरुआत करेंगे।


डिजिटल डेस्क, कोलकत्ता। ममता के गढ़ में किसान रैली को संबोधित करने पहुंचे पीएम मोदी के कार्यक्रम में पंडाल गिरने से हादसा हो गया। मिदनापुर के जंगलमहल में पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए बनाया गया पंडाल भाषण के दौरान गिर गया। जिससे 22 लोग घायल हो गए। इस दौरान पीएम मोदी ने अपना भाषण बीच में रोक दिया और अपनी सुरक्षा में तैनात एसपीजी के जवानों को घायलों की मदद के लिए तुरंत भेज दिया। इसके बाद पीएम मोदी खुद घायलो से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे। जब मोदी एक घायल लड़की से मिले तो उत्साहित लड़की ने ऑटोग्राफ मांगा। उन्होंने भी देर नहीं लगाई और ऑटोग्राफ दिया। एक अन्य घायल से मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा कि बहुत हिम्मत है बेटा तुम्हारे भीतर तुम तुरंत ठीक हो जाओगे। इस पूरी घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी ट्वीट करते हुए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। 

मिशन 2019 की तैयारी में जुटे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ममता बनर्जी पर जमकर जुबानी हमला किया है। मिदनापुर में किसान रैली को संबोधित करने पहुंचे पीएम मोदी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने उनके आगमन से पहले छिड़े पोस्टर वॉर का जिक्र करते हुए कहा, 'आज मेरे स्वागत में उन्होंने हजारों झंडे और पोस्टर लगाए। मैं इसलिए उनका आभारी हूं, क्योंकि उन्होंने हाथ जोड़कर मेरा स्वागत किया। पीएम ने कहा कि पश्चिम बंगाल का हाल बेहाल हो गया है। बंगाल में कुछ भी करना मुश्किल हो गया है। यहां में सिंडेकेट को चढ़ावे दिए बिना कोई काम नहीं होता है। सिंडिकेट को चढ़ावा दिए बिना कॉलेज में दाखिला तक नहीं होता है। पीएम ने कहा, 'ये सिंडिकेट है जबरन वसूली का, ये सिंडिकेट है किसानों से उनका लाभ छीनने का, ये सिंडिकेट है अपने विरोधी की हत्या करने वालों का, ये सिंडीकेट है गरीब पर अत्याचार करने का।'

पीएम मोदी ने कहा कि क्या बंगाल में लेफ्ट से मुक्ति इसी मसीबत के लिए आई थी। पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। पीएम ने कहा कि दशकों के वामपंथी शासन ने पश्चिम बंगाल को जिस हाल में पहुंचाया, आज बंगाल की हालात उससे भी बदतर होती जा रही है। मिदनापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा, यहां काम कर रहा सिंडीकेट सिर्फ वोट बैंक की खातिर बनाया गया है, और सत्ता में बने रहने के लिए उसका इस्तेमाल हो रहा है। यह पश्चिम बंगाल के बाकी लोगों को कतई अलग-थलग कर देता है। पीएम मोदी यहां एक जन रैली को संबोधित करने के साथ खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने के केंद्र के फैसले के बारे में लोगों को जानकारी भी दे रहे है। पीएम मोदी के लिए  2019 के लोकसभा चुनावों में बंगाल में जीत दर्ज करना जरूरी है। जिसके मद्देनज़र पीएम मोदी ने  ‘मिशन बंगाल’ की भी शुरुआत कर दी है। 

बीजेपी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में अपनी स्थिति मजबूत की है और राज्य में मुख्य विपक्षी दल के तौर पर उभरी है। राज्य के हाल में हुए पंचायत चुनावों में व उपचुनावों में बीजेपी मजबूत बनकर सामने आई है। पीएम मोदी के दौरे से ठीक पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने 29 जून को पुरुलिया जिले में एक जनसभा को संबोधित किया था। शाह के दौरे के महज 15 दिन बाद ही मिदनापुर में पीएम की यह रैली हो रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि मिदनापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली यह बताती है कि लोकसभा चुनावों के लिये बंगाल हमारे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि हम न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिये पीएम मोदी जी को सम्मानित करना चाहते हैं।

केंद्रीय कैबिनेट ने हाल में धान सहित सभी 14 अधिसूचित खरीफ फसलों के एमएसएफ में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मोदी दोपहर 12.30 मिदनापुर पहुंचेंगे और मिदनापुर कॉलेज ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे।

पीएम के मिदनापुर में चुनावी रैली को संबोधित करने से पहले चिकमंगलूर से बीजेपी सांसद और कर्नाटक बीजेपी की महासचिव शोभा करंदलाजेकी सांसद ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए पश्चिम बंगाल को इस्लामिक रिपब्लिक करार दिया है। शोभा करंदलाजे ने एक खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ''वेलकल टू इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ वेस्ट बंगाल!! 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।