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जम्मू-कश्मीर में जनसंपर्क भाजपा की वोट बैंक की राजनीति : इल्तिजा मुफ्ती

January 23rd, 2020 18:52 IST
जम्मू-कश्मीर में जनसंपर्क भाजपा की वोट बैंक की राजनीति : इल्तिजा मुफ्ती

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर में जनसंपर्क भाजपा की वोट बैंक की राजनीति : इल्तिजा मुफ्ती (आईएएनएस विशेष)

श्रीनगर, 23 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने कहा है कि केंद्रीय मंत्रियों की केंद्र शासित प्रदेश का चल रहा दौरा सिर्फ भाजपा की वोट बैंक राजनीति है, जिसका मकसद खोई हुई जमीन वापस पाना है।

उन्होंने कहा कि वास्तविक संपर्क इंटरनेट सेवाओं की बहाली, राजनीतिक कैदियों को रिहा करने, नागरिक समाज के सदस्यों से बात करने और उनकी चिंताओं को दूर करने, डोमिसाइल के बारे में बात करने और बाहरी लोगों द्वारा भूमि को लिए जाने को लेकर उनकी आशंकाओं को दूर करके किया जा सकता है।

भाजपा के 26 मंत्रियों का एक समूह 60 जगहों का दौरा कर रहा है, जिसमें जम्मू के 52 और कश्मीर घाटी के तीन जिले में से आठ जगहें हैं। यह दौरा 18 जनवरी से 24 जनवरी के बीच हो रहा है।

गुरुवार को आईएएनएस के साथ एक विशेष साक्षात्कार में मुफ्ती ने कहा कि जम्मू के लोग भाजपा से नाराज है। मुफ्ती ने कहा, कोई वास्तविक जुड़ाव या संपर्क नहीं है।

उन्होंने कहा, वे आशंकित हैं कि वे जम्मू में सीटें खो देंगे।

उन्होंने कहा कि कश्मीर में इतनी ज्यादा सुरक्षा की मौजूदगी को कोई मतलब नहीं है, जब सरकार कह रही है कि घुसपैठ में कमी है।

उन्होंने कहा, यह गलतियां करने जैसा है, उनके पास नियंत्रण का तरीका नहीं है, उनके पास सिर्फ एक क्रूर बहुमत है, उनके पास कोई योजना नहीं है, उनके पास सही नीति नहीं है, उनके पास सही प्राथमिकताएं नहीं है, सत्ता में आने के बाद से उनकी प्राथमिकता एनआरसी, सीएए और अयोध्या है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार ने एक राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटकर भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ की है।

मुफ्ती ने कहा, वे सोचते हैं कि यह सब मजाक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र का कश्मीर में सामान्य जनजीवन बहाल करने की कोई मंशा नहीं है।

उन्होंने कहा, यह जन संपर्क कुछ नहीं सिर्फ जम्मू में मतदाताओं को जुटाने का प्रयास है।

मुफ्ती ने कहा, मेरा मानना है कि वे जो भी कर रहे हैं, सिर्फ एक पहेली जैसा है।

उन्होंने कहा, वे कश्मीर में सामान्य जीवन बहाल नहीं करना चाहते और बड़ी संख्या में सुरक्षा अधिकारियों की रक्षा में वे मंत्रियों को लाल चौक पर ले जाने का साहस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं की सीमित बहाली एक मजाक और अंतर्राष्ट्रीय दबाव में लिया गया कदम है।

मुफ्ती ने कहा, शायद, राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप अगले सप्ताह जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहे हैं, इसीलिए इंटरनेट को सीमित तरीके से बहाल किया गया है।

उन्होंने कहा, वे कश्मीरियों को पुराने समय में ले गए हैं, लोग बातचीत नहीं कर सकते हैं।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।