दैनिक भास्कर हिंदी: Pulwama Attack Case: NIA ने मसूद अजहर और उसके भाई को बताया मुख्य साजिशकर्ता, कहा- एयरस्ट्राइक के बाद दूसरे हमले की तैयारी में थे आतंकी 

August 26th, 2020

हाईलाइट

  • एनआईए ने दाखिल की 13 हजार 800 पन्नों की चार्जशीट
  • चार्जशीट में जैश सरगना मसूद अजहर और उसके भाई का भी नाम
  • चार्जशीट में पाकिस्तान की भूमिका के पुख्ता सबूत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को पुलवामा हमले को लेकर चार्जशीट दाखिल कर दी। 13,800 पन्नों की इस चार्जशीट मे 19 आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें से 6 की मौत हो चुकी है। ये 6 आतंकी अलग-अलग ऑपरेशन में मारे गए। वहीं NIA ने पुलवामा हमले में जैश सरगना मसूद अजहर और उसके भाई को मुख्य साजिशकर्ता बताया। उन्होंने यह बताया कि सजिश पाकिस्तान के बहावलपुर में रची गई थी और मसूद अजहर यहीं से हमले को ऑपरेट कर रहा था। चार्जशीट में यह भी खुलासा हुआ है कि आतंकी पुलवामा के बाद दूसरा हमला भी करने वाले थे। 

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बीते साल 14 फरवरी को CRPF के एक काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने आतंकी हमला किया था। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। इसके करीब 12 दिन बाद भारत ने बालाकोट में घुसकर एयरस्ट्राइक की थी। 

पहले 6 फरवरी को हमला किया जाना था
र्जशीट में यह भी खुलासा हुआ कि जैश ने पहले 6 फरवरी को हमले की योजना बनाई थी, लेकिन भारी बर्फबारी और हाईवे बंद होने के कारण हमले को 14 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया था। हमले की जांच से जुड़े NIA के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया कि अजहर और उसके भाई पाकिस्तानी सिम कार्ड के जरिए फारूक और अन्य पाकिस्तानी आतंकियों के लगातार संपर्क में थे। चार्जशीट में मसूद के रिश्तेदार अम्मर अल्वी और अब्दुल रऊफ असगर के अलावा मारे गए आतंकी मोहम्मद उमर फारूख, सुसाइड बॉम्बर आदिल अहमद डार समेत अन्य पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी कमांडरों की भी नाम है।

मसूद अजहर लगातार आतंकियों के संपर्क में था
NIA की चार्जशीट के मुताबिक मसूद अजहर के साथ ही उसके दोनों भाई रउफ असगर और अम्मार अल्वी भी लगातार जैश आतंकी उमर फारूख के संपर्क में थे। गौरतलब है कि उमर फारूख को इस साल मार्च महीने में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। उमर फारूख आतंकी मसूद अजहर का भतीजा बताया जाता है। उमर फारूख को उसके पाकिस्तानी नंबर( +92***99 और +92**22) पर अम्मार अल्वी अपने नंबर +92311** और +92,3113**** से वॉयस मैसेज के जरिए हमले के संबंध में लगातार निर्देश दे रहा था।

उमर फारूख ने 100 से ज्यादा वॉट्सएप कॉल किए
NIA सूत्रों की मानें तो उमर फारूख ने 100 से ज्यादा वॉट्सएप कॉल कर अपने चाचा अम्मार अल्वी और अब्दुल रउफ से बातचीत की। पुलवामा हमले के लिए जैश आतंकी कई बैच में करीब 35 से 40 किलो आरडीएक्स लेकर आया था। जम्मू के इंटरनेशनल बॉर्डर के उस पार शकरगढ़ लॉन्च पैड से जैश के आतंकियों की घुसपैठ कराई गई। घुसपैठ के लिए आतंकियों ने टनल का इस्तेमाल किया था।

बहावलपुर के 4 आरोपियों ने रची साजिश
सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में जिक्र है कि पाकिस्तान के बहावलपुर के रहने वाले चार आरोपियों ने आईएसआई समेत पाकिस्तान की सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची। इन चारों में मसूद अजहर और उसके दो भाइयों के अलावा मोहम्मद इस्माइल उर्फ लंबू भी शामिल था। पाकिस्तान से कश्मीर घाटी में करीब 20 किलो विस्फोटक भेजा गया। IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइज) को घाटी में अमोनियम नाइट्रेट और नाईट्रो ग्लिसरीन के साथ असेम्बल करके और ज्यादा घातक बनाया गया। 

दूसरे हमले की भी योजना थी
चार्जशीट में NIA ने कहा है कि आतंकी इस हमले के बाद रुकने वाले नहीं थे। हमले के मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर समेत तमाम आतंकी दूसरे हमले की भी तैयारी कर रहे थे। यहां तक कि हमले के लिए कार का भी इंतजाम कर लिया गया था लेकिन इसी बीच भारतीय एयरफोर्स ने बालाकोट में एयरस्ट्राइक कर दी। जैश-ए-मोहम्मद के इस ठिकाने पर हमले के बाद भारत ने आक्रामक रुख अपनाया और पाकिस्तान पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ गया। यही कारण था कि जैश-ए-मोहम्मद ने दूसरा हमला रोक दिया। सूत्रों के मुताबिक, मसूद अजहर ने एयरस्ट्राइक के तुरंत बाद दूसरा हमला रोकने के आदेश दिए। 

चार्जशीट में इस हमले में पाकिस्तान की भूमिका के पुख्ता सबूत
अधिकारियों ने कहा कि चार्जशीट में इस हमले में पाकिस्तान की भूमिका के पुख्ता सबूत, तकनीकी, सामग्री और परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं। पाकिस्तान ने एक स्थानीय आतंकी आदिल अहमद डार का इस्तेमाल किया। जिसने पुलवामा में CRPF के काफिले में विस्फोटक से लदी एक कार से टक्कर मारी थी। जांच में पता चला है कि हमले में इस्तेमाल किया गया आरडीएक्स पाकिस्तान से मंगवाया गया था। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने भारत में घुसपैठ की थी और NIA के पास इसके साक्ष्य भी हैं।

ये आतंकी पुलवामा हमले में शामिल

जीवित 13 आरोपियों में एक महिला 22 साल की इंशा जान उर्फ इंशा तारिक भी शामिल है। 

  1. मौलाना मसूद अजहर (52), पाकिस्तानी नागरिक
  2. अब्दुल राउफ असगर (47), पाकिस्तानी नागरिक
  3. मौलाना अम्मार अल्वी (46), पाकिस्तानी नागरिक
  4. मोहम्मद इस्माइल उर्फ लंबू (25) पाकिस्तानी नागरिक
  5. मोहम्मद अब्बास राठेर (31) पुलवामा
  6. बिलाल अहमद कूचे (28) पुलवामा
  7. शाकिर बशीर उर्फ हुजैफा (24) पुलवामा
  8. इंशा जान उर्फ इंशा तारिक (22) काकापोरा, पुलवामा 
  9. पीर तारिक अहमद शाह (53) पुलवामा
  10. अश्क अहमद नेंगरू (33) पुलवामा
  11. इकबाल राठेर (25) बडगाम
  12. समीर अहमद (22) पुलवामा
  13. वैज- उल- इस्लाम (20) श्रीनगर

मारे गए षडयंत्रकारी
पुलवामा के हाजीबल के रहने वाले बिलाल अहमद कूचे ने मोबाइल से आदिल अहमद डार का सुसाइड हमला करने से पहले वीडियो शूट किया था। बिलाल जैश के कई बड़े बड़े कमांडरों से संपर्क में था। सुसाइड बॉम्बर डार समेत पुलवामा हमले की साजिश से जुड़े जो 6 आतंकी मारे जा चुके हैं, उनके नाम हैं--- 

  • आदिल अहमद डार 21, पुलवामा- सुसाइड बॉम्बर जिसने ईको कार में विस्फोटक रख कर CRPF के वाहन को टक्कर मारी और वहीं उसकी मौत हो गई।
  • मुद्दसिर खान- 24 पुलवामा- जैश का कमांडर जो पुलवामा हमले के अहम षडयंत्रकारियों में शामिल था। 
  • कामरान उर्फ राशीद गाज़ी (25) पाकिस्तानी नागरिक- जैश का ये आतंकी पिछले साल सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में मारा गया। कामरान उर्फ़ गाज़ी पाकिस्तान का रहने वाला था। 
  • सज्जाद बट 19 अनंतनाग- इसने आदिल अहमद डार को मारुति ईको कार लाकर दी थी। सज्जाद भी जून 2019 में सुरक्षा बलों के एक ऑपरेशन में मार गिराया गया। 
  • उमर फारूख- घाटी के नागरिक ने पाकिस्तान स्थित आतंक के आकाओं को विस्फोटक सामग्री घाटी में पहुचने की जानकारी मोबाइल से दी थी। फारूख इस साल मार्च मे सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारा गया।
  • कारी यासिर-पाकिस्तानी नागरिक- आतंकी संगठन जैश का कश्मीर चीफ जो 25 जनवरी 2020 को सुरक्षा बलों के हाथों ढेर किया गया। पुलवामा हमले की साजिश में शामिल कारी यासिर पाकिस्तान का रहने वाला था। कारी को IED बनाने में एक्सपर्ट माना जाता था। आरोप है कि इसने कई कश्मीरी युवाओं को रेडिक्लाइज़ किया और उन्हें विस्फोटक बनाने की ट्रेनिंग दी थी।

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