दैनिक भास्कर हिंदी: PM का एक ही क़ायदा, देश फूंककर मित्रों का फ़ायदाः राहुल गांधी 

March 14th, 2021

हाईलाइट

  • गैस-डीज़ल-पेट्रोल पर ज़बरदस्त टैक्स वसूली
  • मित्रों को PSU-PSB बेचकर जनता से हिस्सेदारी, रोज़गार व सुविधाएं छीनना
  • मित्रों को PSU-PSB बेचकर जनता से हिस्सेदारी, रोज़गार व सुविधाएं छीनना

डिजिटल डेस्क (भोपाल)।  कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार ट्वीट के जरिए महंगाई को लेकर आए दिन मोदी सरकार को घेरते रहते हैं। रविवार को उन्होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि, केंद्र सरकार की दोनों हाथों से दिनदहाड़े लूट... 1. गैस-डीज़ल-पेट्रोल पर ज़बरदस्त टैक्स वसूली। 2. मित्रों को PSU-PSB बेचकर जनता से हिस्सेदारी, रोज़गार व सुविधाएं छीनना। इसके बाद उन्होंने लिखा कि 'PM का एक ही क़ायदा, देश फूंककर मित्रों का फ़ायदा'।  

दरअसल, राहुल गांधी सही कह रहे हैं, क्योंकि लॉकडाउन के बाद डीजल 28% बढ़ा, राशन 43% तक महंगा हो गया है। सोयाबीन का रिफाइंड तेल तो 4 महीने पहले 58 से 90 रुपए प्रति लीटर था। अब वह 130 से 140 रुपए प्रतिलीटर मिल रहा है। डीजल के बढ़ते दाम और उत्पादन कम होने के आसार के चलते लॉकडाउन खुलने के बाद 1 जून-2020 से अब तक कई खाद्यान्नों के दामों में 43% तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। थोक बाजारों में 1 जून को 80 रुपए किलो तक बिक रही तुअर दाल अब 100 रु.हो गई है। 

सरकार ने पाम ऑयल के आयात पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे। इसके साथ ही विदेशी बाजारों में सोयाबीन तेज थी। इसलिए दाम लगातार बढ़ते रहे। डीजल के दामों में आई तेजी ने भी तेल के दामों पर प्रति लीटर के हिसाब से 2 से 3 रुपए का असर डाला है। इसी तरह चीनी के दाम भी 4 से 5 रुपए किलो तक तेज हुए हैं।  

वहीं, ट्रेनों में रात में बोर्डिंग करने वाले यात्रियों की जेब पर 10 से 20 फीसदी तक भार बढ़ सकता है। ऐसा किराया बढ़ने की वजह से होगा। दरअसल, भोपाल से दिल्ली और मुंबई तरफ यात्रा करने वाले कई यात्रियों के लिए रात में सफर करना काफी सुविधाजनक होता है। इस कारण रेलवे उनसे नाइट जर्नी के नाम पर स्लीपर श्रेणी में 10%, एसी-3 में 15% और एसी-2 व एसी-1 श्रेणी में 20 फीसदी तक किराया वसूलना चाहता है। देश में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं, चना और सरसों का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है और जल्द ही तमाम रबी फसलों की आवक जोर पकड़ने वाली है। मगर, खाने-पीने की चीजों की महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद कम है क्योंकि तेल के दाम में आई तेजी से महंगाई को ईंधन मिल रहा है।

वैश्विक बाजार में अनाज और तेल-तिलहन समेत अन्य एग्री कमोडिटी की मांग बढ़ने से इनके दाम में जोरदार तेजी आई है। कच्चे तेल के दाम में जोरदार इजाफा होने से एग्री कमोडिटी की कीमतों की तेजी को सहारा मिल रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई तेजी के बावजूद तेल विपणन कंपनियों ने हालांकि बीते करीब एक पखवाड़े से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन दोनों ईंधनों के दाम में आगे इजाफा होने की संभावना बनी हुई है। जानकार बताते हैं कि डीजल के दाम में वृद्धि से मालभाड़ा में बढ़ोतरी होने से खाने-पीने की चीजों के दाम में इजाफा हुआ है।

 

 

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