comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

अमित शाह को कहा था हत्यारा! भाजपा नेता ने राहुल पर किया मानहानि केस

September 08th, 2018 18:37 IST
अमित शाह को कहा था हत्यारा! भाजपा नेता ने राहुल पर किया मानहानि केस

हाईलाइट

  • राहुल गांधी ने 8 मई को बेंगलुरु में प्रेस कांफ्रेंस की थी।
  • मुकदमा सुल्तानपुर के ऑपरेटिव बैंक के चेयमैन विजय मिश्रा ने दायर किया है।
  • विजय मिश्रा ने अदालत से राहुल गांधी को आरोपी बनाने की मांग की है।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर उत्तर प्रदेश में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा सुल्तानपुर के स्थानीय भाजपा नेता और को ऑपरेटिव बैंक के चेयमैन विजय मिश्रा ने दायर किया है। आवेदन में मिश्रा ने कोर्ट से कहा है कि 8 जुलाई 2018 को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बेंगलुरु में हत्यारा कहा था। जानकारी के मुताबिक 8 मई 2018 को राहुल गांधी बेंगलुरु में ही थे। उन्होंने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस भी की थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस दौरान कहा था कि स्वच्छता और ईमानदारी का दावा करने वाली भाजपा का अध्यक्ष हत्या का अभियुक्त है। शिकायत करने वाले विजय मिश्रा ने अदालत से राहुल गांधी को आरोपी बनाने की मांग की है। मिश्रा ने कहा कि राहुल के इस बयान से उन्हें ठेस पहुंची है। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुराग कुरील ने गेस दर्ज करने का आदेश दिया। अब 29 अगस्त को शिकायकर्ता का बयान होगा।

संघ पर बयान के मामले में भी चल रहा केस
बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) के खिलाफ कथित टिप्पणी करने के मामले में भिवंडी कोर्ट में पेश हुए। भिवंडी कोर्ट ने राहुल गांधी पर आरोप तय कर दिए थे। 6 मार्च 2014 को मुंबई के भिवंडी की एक रैली में राहुल गांधी ने बयान देते हुए कहा था कि आरएसएस के लोगों ने महात्मा गांधी को मारा था। राहुल गांधी के इस बयान के बाद एक आरएसएस कार्यकर्ता सचिव राजेश कुंटे ने राहुल गांधी के खिलाफ भिवंडी की लोकल कोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज करवाया था। राजेश का आरोप था कि राहुल के इस बयान से संघ की छवि खराब हुई है। इस मामले में मई 2015 में राहुल ने इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस केस को खारिज करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने राहुल की इस अपील को स्वीकार नहीं किया था। कोर्ट ने इस मामले में राहुल को माफी मांगने के लिए कहा गया था। जवाब में कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि राहुल किसी भी हाल में माफी नहीं मांगेंगे। वे कोर्ट में मानहानि के मामले में ट्रायल का सामना करेंगे और अदालत के सामने सभी सबूत पेश करेंगे।

कमेंट करें
zAETf
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।