दैनिक भास्कर हिंदी: पूर्व मंत्री कुसमरिया कांग्रेस में शामिल, राहुल गांधी ने दिलाई सदस्यता

February 9th, 2019

हाईलाइट

  • भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया ने शुक्रवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया।
  • कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी की मौजूदगी में कुसमरिया ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
  • कुसमरिया ने अपने साथ 15 हजार कार्यकर्ताओं को भी बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शाम‍िल कराया है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया ने शुक्रवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी की मौजूदगी में कुसमरिया ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कुसमरिया ने अपने साथ 15 हजार कार्यकर्ताओं को भी बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शाम‍िल कराया है। कांग्रेस में शामिल होते ही कुसमरिया ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला और पार्टी पर वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने का आरोप लगाया।

कुसमरिया ने कहा, बीजेपी में उन्हें घुटन महसूस होने लगी थी, भाजपा में वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा हो रही थी, इसलिए पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कंस का उदाहरण देते हुए कहा जिस तरह कंस ने अपने पिता को जेल में डाल दिया था उसी तरह बीजेपी ने भी अपने बुज़ुर्गों का अपमान किया। कुसमरिया ने कांग्रेस की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए कहा कि यह एतिहासिक क्षण है कि एमपी की धरती पर जिन किसानों को हम भगवान का रूप मानते हैं, उनका आभार मानने राहुल गांधी आए हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस का वचन पत्र देखकर लगा कि अब अच्छे दिन आएंगे। कांग्रेस प्रदेश में गाय, गरीब और किसानों के लिए काम करेगी। कांग्रेस ने वचन पत्र पर अमल किया है, इसके लिए राज्य की कमलनाथ सरकार बधाई की पात्र है। कुसमरिया ने किसानों को 10 एकड़ तक की खेती के लिए अनुदान में मदद करने का प्रस्ताव राहुल गांधी के सामने रखा।

बता दें कि कुसमरिया को बुंदेलखंड के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। कांग्रेस में आने के बाद उन्हें बुंदेलखंड की किसी लोकसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में उतारा जा सकता है। विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद उन्होंने दमोह व पथरिया सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। हालांकि वे खुद जीत तो दर्ज नहीं कर सके थे, लेकिन इन दोनों सीटों से भाजपा की जीत उन्होंने जरूर छीन ली थी। दमोह से पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को हार का सामना करना पड़ा था। इन दो सीटों को गंवाने के बाद भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं आ सकी। कुसमरिया चार बार विधानसभा और पांच बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।   

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