दैनिक भास्कर हिंदी: RIP: गावस्कर के ओपनिंग पार्टनर रहे और योगी सरकार में मंत्री चेतन चौहान का 73 साल की उम्र में निधन, कोरोना पॉजिटिव थे

August 16th, 2020

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान का निधन
  • गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहा था इलाज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के होमगार्ड मंत्री और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान 73 साल की उम्र में निधन हो गया है। आज (रविवार, 16 अगस्त) 4:30 बजे कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हुआ। कोरोना संक्रमित होने के बाद से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। चौहान पिछले महीने कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और वह गुरुग्राम के अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे। दिवंगत चेतन चौहान अपने समय में भारतीय क्रिकेट टीम में सुनील गावस्कर के साथ ओपनिंग किया करते थे। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है। इसके अलावा प्रदेश के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, मोहसिन राजा और राजेंद्र प्रताप ने भी शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवदेना व्यक्त की। 

चौहान को 11 जुलाई को कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 जुलाई को उन्हें लखनऊ के पीजीआई से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था। शनिवार, 15 अगस्त को तबियत ज्यादा खराब होने पर वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया था। चौहान योगी सरकार में ऐसे दूसरे मंत्री हैं, जिनका कोरोनावायरस से इस महीने निधन हो गया। इससे पहले 2 अगस्त को, उत्तर प्रदेश की मंत्री कमल रानी वरुण का इस महामारी से निधन हो गया था। अमरोहा जिले की नौगांवा विधानसभा के विधायक चेतन चौहान ने पिछले महीने 21 जुलाई को उन्होंने अपना 73वां जन्मदिन मनाया था।

किडनी ने काम करना बंद कर दिया था
शनिवार को डीडीसीए के एक सीनियर अधिकारी ने बताया था, 'सुबह चेतन जी की किडनी ने काम करना बंद कर दिया और फिर कई अंगों ने। वह लाइफ सपोर्ट पर हैं। हम दुआ कर रहे हैं कि यह जंग वह जीत जाए।' भारत के लिए 40 टेस्ट खेलने वाले चौहान लंबे समय तक सुनील गावस्कर के सलामी जोड़ीदार रहे। वह दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ में भी विभिन्न पदों पर रहे और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम के मैनेजर भी थे।

उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए एक अपूरणीय क्षति: सीएम योगी 
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के मेरे वरिष्ठ सहयोगी और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान जी नहीं रहे। यह मेरे मंत्रिमंडल के सहयोगियों के लिए और उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे जितने लोकप्रिय खिलाड़ी थे, उतने ही लोकप्रिय जन नेता भी थे। मैंने उनके परिवार के सदस्यों से अभी बात की है। कल चेतन चौहान जी का अंतिम संस्कार होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य मंत्रियों ने कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान के निधन पर 2 मिनट का मौन रखा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, 'पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी, चेतन चौहान के असामयिक निधन का व्यथित कर देने वाला समाचार प्राप्त हुआ। प्रभु श्री राम, उनके परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति एवं दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें। ॐ शांति'

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करियर: सुनील गावस्कर के साथ सलामी जोड़ी
चेतन चौहान का जन्म 21 जुलाई 1947 को हुआ था। उन्होंने अपना करियर एक क्रिकेटर के तौर पर शुरू किया था। चेतन ने 1969 से 1978 के बीच 40 टेस्ट खेले और 31.57 की औसत से 2084 रन बनाए। उनका उच्चतम स्कोर 97 था। साथ ही उन्होंने 7 वनडे खेली, जिसमें उन्होंने 153 रन बनाए। सुनील गावस्कर के सलामी जोड़ी के तौर पर मशहूर रहे चेतन चौहान ने खूब सुर्खियां बटोरीं थीं। गावस्कर और चौहान की जोड़ी ने टेस्ट की 60 पारियों में 54.85 की औसत से 3127 रन बनाए। दोनों ने कुल 11 शतकीय साझेदारियां कीं, जिनमें से 10 पहले विकेट के लिए रहीं। 

बिना शतक लगाए दो हजार रन बनाने वाले पहले क्रिकेटर
करियर में बिना शतक लगाए दो हजार रन बनाने वाले वह दुनिया के पहले क्रिकेटर थे। टेस्ट करियर में बिना शतक लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने के रिकॉर्ड की बात करें, तो इस सूची में दूसरा नाम चेतन चौहान का था। वैसे बिना शतक लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने के रिकॉर्ड शेन वॉर्न के नाम है। उन्होंने (1992-2007) 145 टेस्ट मैचों में 3154 रन बनाए और उनका उच्चतम स्कोर 99 रहा था।

यादगार पारी
सुनील गावस्कर और चेतन चौहान के बीच 1979 के ओवल टेस्ट में हुई ओपनिंग पार्टनरशिप आज भी याद की जाती है। इंग्लैंड के खिलाफ 438 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए दोनों ने पहले विकेट के लिए 213 रन जोड़े थे। तब चौहान 80 रन बनाकर आउट हुए, जबकि गावस्कर ने दोहरा शतक (221) जड़ा था। हालांकि भारतीय टीम 429/8 रन ही बना पाई और जीत हासिल करने से वंचित रह गई। 

टीम इंडिया के मैनेजर भी रहे चेतन
1981 में चेतन चौहान का इंटरनेशनल क्रिकेट का सफर खत्म हो गया, लेकिन वह 1984/85 तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते रहे। वह महाराष्ट्र और दिल्ली की तरफ से रणजी ट्रॉफी खेले। पिता के ट्रांसफर होने के बाद 13 साल की उम्र में वह पुणे शिफ्ट हो गए थे। चौहान ने अपना आखिरी टेस्ट 1980-81 में न्यूजीलैंड दौरे पर खेला था। चेतन चैहान टीम इंडिया के मैनेजर भी रह चुके हैं। 2001 में भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान वह उस भारतीय टीम के मैनेजर रहे, जिसने 2001 के ऐतिहासिक कोलकाता टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी।

एक नजर राजनीतिक सफर पर
चेतन चौहान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट से 1991 में अमरोहा में चुनाव लड़ा और वे वहां से सांसद चुने गए थे। इसके बाद एक बार फिर 1996 में भाजपा ने उन्हें इसी मैदान में चुनावी जंग के लिए उतारा, लेकिन इस बार वे हार गए थे। 1998 में चेतन चौहान एक बार फिर सांसद चुने गए थे। वहीं, साल 1999 और 2004 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था।