दैनिक भास्कर हिंदी: सबरीमाला: MLA के घर पर फेंके बम, अब तक 1718 लोग गिरफ्तार

January 5th, 2019

हाईलाइट

  • महिलाओं की एंट्री पर बढ़ता जा रहा विवाद
  • बम फेंकने के मामले में पुलिस ने 20 को किया गिरफ्तार
  • सीपीआईएम का आरोप, आरएसएस कार्यकर्ताओं ने फेंके बम

डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री का विवाद दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। अब सत्ताधारी सीपीआई (एम) के कई नेताओं के घर बम फेंकने की जानकारी सामने आई है। थलासरी विधायक एएन शमसीर के घर पर शुक्रवार रात बम फेंका गया है। इस मामले में पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक सबरीमाला विवाद में 1718 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस ने बताया कि बाइक पर सवार होकर आए बदमाशों ने शुक्रवार रात करीब 10.15 शमसीर के मडपीडिकयिल स्थित घर पर बम फेंके। इस हमले के बाद शसमसीर का बयान भी सामने आया है। विधायक ने कहा कि आरएसएस राज्य में हिंसा भड़काने की साजिश कर रही है। बता दें कि हमले के समय सीपीआई (एम) विधायक किसी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इससे पहले पार्टी के जिला सचिव पी शशि के घर पर भी बम फेंका गया। इसके अलावा मालाबार देवस्वओम (मंदिर प्रशासन) बोर्ड के सदस्य के शशिकुमार के कोझिकोड स्थित घर में भी बम फेंका गया था। शशिकुमार ने बताया कि अडूर में एक मोबाइल की दुकान पर भी बम फेंके गए।

इससे पहले गुरुवार देर रात श्रीलंका की एक महिला के दर्शन करने से हंगामा हो गया था। राज्य में 100 से ज्यादा बसों में तोड़फोड़ की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 750 लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि 628 लोगों को हिरासत में भी लिया गया था। श्रीलंका से अयप्पा के दर्शन करने आई 46 वर्षीय श्रीलंकाई महिला की उम्र को लेकर गुरुवार देर रात काफी हंगामा हुआ था। मंदिर परिसर में मौजूद कई लोग उसके प्रवेश का विरोध कर रहे थे। इसके बाद महिला ने पुलिस को अपने यूटरस ऑपरेशन के मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाए थे, जिसके बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षा प्रदान की और अयप्पा के दर्शन कराए। बता दें कि यदि कोई महिला ऑपरेशन के जरिए अपना यूटरस निकलवा देती है तो उसे पीरियड्स नहीं आते हैं। मंदिर की परंपरा के मुताबिक ऐसी दशा में उसे दर्शन करने की अनुमति दी जा सकती है।

इससे पहले सबरीमाला में 2 महिलाओं के प्रवेश करने के बाद हिंदू संगठनों ने गुरुवार को बंद का अह्वान किया था। प्रदर्शन के दौरान लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवाद (सीपीएम) के 20 से ज्यादा दफ्तरों पर हमला किया था। इस दौरान बीजेपी के 3 कार्यकर्ताओं पर चाकू से हमला भी किया गया था। विरोध प्रदर्शन में शामिल 55 वर्षीय चंद्रन उन्नीथन की मौत भी हो चुकी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने हिंसा के लिए भाजपा और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है।

खबरें और भी हैं...