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'हमारे नेता हमे छोड़ गए' बयान पर घिरे खुर्शीद, कांग्रेसी नेताओं ने दिया ऐसा जवाब


हाईलाइट

  • राहुल गांधी पर बयान देने के बाद सलमान खुर्शीद को पार्टी नेताओं ने घेरा
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले पार्टी को आत्मचिंतन करने की है जरूरत
  • राशिद अल्वी ने खुर्शीद को बताया घर को आग लगाने वाला चिराग

डिजिटल डेस्क नई दिल्ली। कांग्रेस के दिग्गज नेता और वायनाड सांसद राहुल गांधी पर विवादित बयान देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को उन्हीं की पार्टी के नेताओं ने जमकर घेरा हैं। खुर्शीद की टिप्पणी से कांग्रेस में मचे घमासान के बाद एक तरफ पार्टी नेता राशिद अल्वी ने उन्हें घर को आग लगाने वाला चिराग बताया तो वहीं अधीर रंजन चौधरी ने भी उन्हें हिदायत देते हुए कहा कि खुर्शीद को बाहर बोलने की बजाय पार्टी में अपनी राय रखनी चाहिए। साथ ही पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी पार्टी को आत्मचिंतन करने की बात कही है।

सलमान खुर्शीद के राहुल पर टिप्पणी करने के बाद कांग्रेस में आंतरिक कलह मची हुई है। दरअसल सलमान ने बुधवार को पार्टी की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए राहुल के अध्यक्ष पद को छोड़ने पर सवाल उठाया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि 'हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमारे नेता ने हमें छोड़ दिया।' इस पर कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 'मैं किसी की भी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा लेकिन हां, इसमें कोई संदेह नहीं कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की जरूरत है।'

राशिद अल्वी ने खुर्शीद को बताया घर को आग लगाने वाला चिराग
पार्टी नेता राशिद अल्वी ने भी सलमान खुर्शीद के बयान का जवाब दिया है। उन्होंने खुर्शीद को घर को आग लगाने वाला चिराग बताते हुए कहा कि 'सलमान खुर्शीद की अपनी राय हो सकती है। लेकिन अब पार्टी को बाहर के दुश्मनों की जरूरत नहीं रह गई है। घर के चिराग से घर को आग लग गई।'

खुर्शीद को अधीर रंजन की सीख
पश्चिम बंगाल के कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भी सलमान खुर्शीद के बयान को लेकर उन्हें हिदायत दी है। उन्होंने बुधवार को राहुल का बचाव करते हुए कहा कि 'जब पार्टी राज्यों में चुनाव के लिए मैदान में उतर रही हो, तो इस प्रकार के बयान पार्टी के लिए सही नहीं हैं। खुर्शीद को बाहर बोलने की बजाय पार्टी में अपनी राय रखनी चाहिए।'

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।