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सुप्रीम कोर्ट की केंद्र सरकार को फटकार- सहेज नहीं सकते, तो ढहा दो ताजमहल

July 12th, 2018 09:11 IST

हाईलाइट

  • केंद्र सरकार और उसके संस्थान ASI को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
  • ताजमहल के रंग बदलने को लेकर ASI ने काई और गंदी जुराबों को जिम्मेदार ठहराया
  • 9 मई को भी सुप्रीम कोर्ट ने ASI को लगाई थी फटकार
  • सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा ताजमहल को संभाल नहीं सकते हैं तो उसे ढहा दीजिए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ताजमहल को लेकर एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्यितार किया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने संरक्षण और रख-रखाव पर सरकारी उदासीनता देखते हुए कहा कि अगर ताजमहल को संभाल नहीं सकते हैं तो उसे ढहा दीजिए। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ताजमहल की चमक फीकी पड़ती जा रही है जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट लगातार सख्ती दिखा रहा है। जस्टिस मदन भीमराव लोकुर ने ताजमहल के संरक्षण और रख-रखाव को लेकर केंद्र सरकार और उसके संस्थान ASI को फटकार लगाई है। 

कोर्ट ने कहा कि घोर उदासीनता है
 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फ्रांस के एफ़िल टॉवर को भी देखने 80 मिलियन लोग आते हैं, जबकि ताजमहल को देखने सिर्फ 5 मिलियन लोग आते हैं। आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है। आप टूरिस्टों को लेकर भी गंभीर नहीं हैं। आपकी वजह से देश का नुकसान हो रहा है, ताजमहल को लेकर घोर उदासीनता है। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप लोग इसे बिगाड़ने में ज्यादा लगे हुए हैं। 

ताजमहल को नुकसान पहुंचा  रही हैं इंडस्ट्रियां

कोर्ट ने कहा कि आपने उद्योग लगाने की अर्ज़ियां ले ली हैं, उद्योग लगने के बाद जो प्रदूषण होगा उसका जिम्मेदार कौन होगा और फैक्ट्रियां लगने से उनसे निकलने वाला धुआं ताज को नुकसान पहुंचाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि Taj Trapezium Authority (TTZ) में उद्योग लगाने के लिए लोग आवेदन कर रहे हैं और सरकार उन पर विचार भी कर रही है। कोर्ट ने PHD चेंबर्स को कहा कि जो इंडस्ट्री चल रही है उसको क्यों ना आप खुद बंद करें।

TTZ के चेयरमैन को नोटिस जारी

हालांकि TTZ की तरफ से कहा गया कि वो अब कोई नई फैक्ट्री खोलने की इजाजत नहीं देगा। सुप्रीम कोर्ट ने TTZ के चेयरमैन को नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट में तलब किया है। पिछले साल भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने ताजमहल के संरक्षण और आगरा के विकास के लिए कई योजनाएं तैयार की हैं, ऐसा कहा था। इनमें आगरा में डीजल जनरेटर पर पाबंदी, CNG वाहनों पर ज़ोर, प्रदूषण पर नियंत्रण और पॉलीथिन पर पाबंदी जैसे कदम भी शामिल हैं।


 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।