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सर्दी का सितम जारी, रबी फसलों पर पाला, कोहरे के कारण प्लेन और सड़क यातायात पर असर


हाईलाइट

  • पूरे उत्तर भारत समेत देश के कई अन्य भागों में सर्दी का सितम जारी है
  • पूरा उत्तर भारत कई दिनों से कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है
  • तापमान में आई गिरावट से पाला पड़ने की आशंका बनी हुई है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूरे उत्तर भारत समेत देश के कई अन्य भागों में पिछले कुछ दिनों से सर्दी का सितम जारी है। अभी इससे जल्द निजात मिलने की संभावना भी नहीं दिख रही है। पूरा उत्तर भारत कई दिनों से कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है। कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। तापमान में आई गिरावट से पाला पड़ने की आशंका बनी हुई है। जिससे रबी फसलों को नुकसान हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि कोहरे से भी फसलों पर असर पड़ सकता है, हालांकि पाला से ज्यादा नुकसान हो सकता है। वैसी स्थिति अभी पैदा नहीं हुई है, लेकिन कोहरा छंटने और तापमान में गिरावट आने से पाला पड़ना अवश्यंभावी है।

पाला और कोहरे में अंतर
जब धूप नहीं निकलने से धरातल का तापमान काफी कम हो जाता है, जिससे वायु में गैसीय अवस्था में पानी यानी जल-वाष्प घनीभूत होकर जल की बूंदों में परिणत हो जाते हैं तो कोहरा छा जाता है। इस प्रकार वातावरण में नमी यानी आद्र्रता बनी रहती है। लेकिन जब बादल छंटता है और वातावरण का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है और आद्र्रता कम होने से वायु शुष्क हो जाती है तो पाला पड़ता है। ऐसे स्थिति में पानी जमने लगता है।

रबी फसल पर पाला से होने वाला असर
आईसीएआर के एक कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि पाला पड़ने से आलू, चना, सरसों समेत कई फसलों पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में पौधे के भीतर पानी जमने लगता है, जिससे उसकी बाली और दाने सूख जाते हैं। उन्होंने बताया कि पाला तब पड़ता है, जब वायुमंडल में आद्र्रता कम हो जाती है, और ऐसी स्थिति में किसानों को सिंचाई करने की सलाह दी जाती है।

फरीदकोट में तापमान 0.7 डिग्री
पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में सोमवार को घने कोहरे के बावजूद पारे में मामूली वृद्धि देखी गई। फरीदकोट 0.7 डिग्री सेल्सियस के साथ क्षेत्र का सबसे ठंडे स्थान रहा। मौसम के इस सत्र में पंजाब के अमृतसर शहर में पारा सामान्य रूप से दो डिग्री कम 1.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया और औद्योगिक शहर लुधियाना और पटियाला में न्यूनतम तापमान क्रमश: 4.6 और 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में जहां रविवार को न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री था, वहीं सोमवार को यह 3.5 डिग्री सेल्सीयस दर्ज किया गया। पड़ोस में हरियाणा के अंबाला में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सीयस रहा। जबकि करनाल और हिसार में यह क्रमश: 2.8 और 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नारनौल और रोहतक में रात का तापमान क्रमश: 1.5 और 1.2 डिग्री सेल्सीयस दर्ज किया गया।

जयपुर में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस
जयपुर में सोमवार को न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रविवार को यह 1.4 था डिग्री था। तापमान की इस गिरावट ने 55 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राजधानी में साल 1905 में 31 जनवरी और एक फरवरी को न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 02.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था, जो अभी तक का रिकॉर्ड है।

श्रीनगर में सबसे ठंडी रात
श्रीनगर में तापमान शून्य से नीचे छह डिग्री जाने के कारण बीती रात इस सीजन की सबसे ठंडी रही।गुलमर्ग के हिल स्टेशन पर रात का तापमान शून्य से नीचे 7.8 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं पहलगाम में तापमान शून्य से नीचे 10.2 डिग्री रहा। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के द्रास में तापमान शून्य से नीचे 28.8 डिग्री दर्ज किया गया। श्रीनगर स्थित डल झील पूरी तरह जम चुकी है, जिसकी वजह से नाविकों को अपनी नौका निकालने के लिए झील की बर्फ तोड़नी पड़ रही है। घाटी में प्रचंड शीत लहर के साथ ही बिजली कटौती से स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हिमाचल में पारा हिमांक बिंदु से नीचे
हिमाचल प्रदेश का बड़ा हिस्सा भीषण शीतलहर की की चपेट में है। न्यूनतम तापमान हिमांक बिंदु से नीचे बना हुआ है। यहां के मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, शिमला और इसके आसपास के पर्यटन स्थलों जैसे कुफरी, फागू और नरकंडा, मनाली और डलहौजी में नए साल की पूर्व संध्या पर बर्फबारी हो सकती है। अधिकारी ने कहा, राज्य में 31 दिसंबर से दो जनवरी के बीच बर्फबारी या बारिश की संभावना है। लाहौल-स्पीति जिले का केलांग राज्य में सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान हिमांक बिंदु से 11.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

घने कोहरे से रेल, हवाई सेवाएं बाधित
समूचे उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण 300 हवाई उड़ान प्रभावित हुई है, जबकि सुबह 6 से दिन के 12 बजे तक करीब 260 उड़ानें रद्द हुई हैं। यह जानकारी दिल्ली वेबसाइट ने सोमवार को दी। इनके अलावा अन्य 50 विमान, जो दिन के 12 बजे से शाम 6 बजे तक अपने गंतव्य के लिए रवाना होने वाली थी, वह भी देरी से उड़ान भर रही हैं। निजी एयरलाइंस जैसे इंडिगो और विस्तारा ने सोमवार को अपने यात्रियों के लिए यात्रा एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रीय राजधानी से उड़ान भरने वाली कई विमान खराब मौसम व कम दृश्यता के कारण प्रभावित हुई हैं।

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