दैनिक भास्कर हिंदी: शिरडी के साईं मंदिर में पिछले 11 दिनों में आया 14.54 करोड़ रुपए चढ़ावा

January 3rd, 2019

हाईलाइट

  • शिरडी के साईं मंदिर में पिछले 11 दिनों में 14.54 करोड़ रुपए दान के रूप में मिला है।
  • तिरुपति बालाजी मंदिर के दानपात्र से भी लाखों की नकदी और सोने के जेवर मिले हैं।
  • माता वैष्‍णो देवी में भी 31 दिसंबर और 1 जनवरी को एक करोड़ रुपये चढ़ाए गए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नए साल का आगाज हो चुका है। इस शुभ अवसर पर कई मंदिरों में भगवान का आशीर्वाद लेने और दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रहती है। एक रिपोर्ट के अनुसार शिरडी के साईं मंदिर में पिछले 11 दिनों में 14.54 करोड़ रुपए दान के रूप में मिली है। वहीं तिरुपति बालाजी मंदिर के दानपात्र से भी लाखों की नकदी और सोने के जेवर मिले हैं।

शिरडी के श्राइन बोर्ड ने गुरुवार को बताया कि 22 दिसंबर, 2018 से 1 जनवरी, 2019 के बीच मंदिर में लोगों ने 14.54 करोड़ रुपए दान में दिए हैं। इसमें 8.05 करोड़ रुपए केवल नकदी के रूप में मिला है। वहीं 507 ग्राम सोना और 16.5 किलो चांदी भी दान के रूप में प्राप्त हुआ है, जिसकी कीमत 19 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा ऑनलाइन डोनेशन, डेबिट कार्ड, चेक और डिमांड ड्राफ्ट से 6 करोड़ रुपए दान के रूप में मिले हैं।

श्राइन बोर्ड ने बताया कि पिछले दस दिनों में कई देशों से भक्त शिरडी साईंबाबा के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। जितनी भी राशी दान के रूप में प्राप्त हुई है, वह 19 देशों के श्रद्धालुओं ने दी है, क्योंकि दानपेटी में 19 देशों की करेंसी मिली है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया, सिंगापुर, जापान और चीन के श्रद्धालु शामिल हैं। फॉरेन करंसी के रूप में प्राप्त राशि की संख्या 30 लाख 63 हजार रुपए के करीब है। पिछले 11 दिनों में 9.5 लाख देशी-विदेशी श्रद्धालु शिरडी स्थित साईं बाबा मंदिर के दर्शन करने पहुंचे।

इसके अलावा माता वैष्‍णो देवी श्राइन बोर्ड के CEO सिमरनदीप सिंह ने बताया कि 2018 के अंतिम दिनों में यहां भक्तों का तांता लगा रहा। पिछले साल मंदिर में भक्‍तों ने 164 करोड़ रुपये दान के रूप में दिए थे। वहीं 31 दिसंबर 2018 और 1 जनवरी 2019 को एक करोड़ रुपये चढ़ाए गए। बता दें कि आंध्र प्रदेश के तिरुमला तिरुपति देवस्‍थलम के बाद भारत का दूसरा सबसे धनी तीर्थस्‍थान माता वैष्‍णो देवी है।

नए साल के अवसर पर भगवान के साथ क्षल करने का भी मामला सामने आया है। भक्‍तों ने बैंकों में पुराने 500-1000 रुपये के नोट जमा करवाने की बजाए मंदिरों में दान के रूप में दे दिए। यह राशि करोड़ों में बताई जा रही है।

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