दैनिक भास्कर हिंदी: Shramik Special Train: यात्रियों के लिए रेलवे ने जारी किए नियम, जानें कैसे मिलेगा टिकट, खाना और पानी

May 3rd, 2020

हाईलाइट

  • श्रमिक स्पेशल ट्रेनें नॉन स्टॉफ होंगी।
  • ट्रेन में मिडिल बर्थ को छोड़कर 1200 लोग यात्रा कर सकेंगे
  • राज्य सरकार यात्रियों को टिकट सौंपेगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लॉकडाउन (Lockdown) के कारण फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों (Shramik Special Trains) की शुरुआत की है। इंडियन रेलवे (Indian Railway) ने सभी जोन के लिए गाइडलाइंस जारी कर कहा है कि ट्रेन तभी चलेगी जब कम से कम 90 फीसदी सीटों की बुकिंग हो। रेलवे ने किराया, खाना और पानी को लेकर भी हर बात स्पष्ट की है। 

रेलवे के जारी निर्देश में कहा गया है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनें नॉन स्टॉफ होंगी ये अपने स्टेशन के अलावा बीच में कहीं नहीं रुकेगी। ये 500 किलोमीटर से अधिक यात्रा के लिए होंगी। एक ट्रेन में मिडिल बर्थ को छोड़कर 1200 लोग यात्रा कर सकेंगे। वहीं जिस राज्य से यात्रा प्रारंभ होगी वहां की सरकार को यात्रियों का समूह तैयार करना पड़ेगा। ट्रेन नें यात्रियों की संख्या 90 फीसदी से कम नहीं होनी चाहिए। 

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राज्य सरकार लेगी टिकट का किराया:
निर्देश में कहा गया है कि राज्य सरकार यात्रियों को टिकट सौंपेगी और उनके टिकट के पैसे लेकर राशि रेलवे को देगी। वहीं जिस सरकार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था भी करनी होगी, सिर्फ वे लोग रेलवे स्टेशन में आ पाएं जिन्हें मंजूरी दी गई है। 

सरकार को करना होगा खाने-पीने का इंतजाम:
जिस राज्य से यात्रा शुरु होगी वहां की सरकार को यात्रियों के लिए खाने और पानी का इंतजाम भी करना होगा। अगर यात्रा 12 घंटे से ज्यादा की है, तो एक समय का खाना रेलवे की ओर से दिया जाएगा। वहीं सभी यात्रियों को मास्क पहनना अनिवार्य है।

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गंतव्य स्टेशन पर सरकार की होगी जिम्मेदारी:
गंतव्य स्टेशन पर वहां की सरकार यात्रियों को रिसीव करेगी। प्रशासन को स्क्रीनिंग और क्वारंटाइन की व्यवस्था करनी होगी। रेलवे ने कहा है कि अगर सुरक्षा और हाइजीन से संबंधित नियमों में उल्लंघन होता है तो ट्रेन रद्द की जा सकती है।