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उप्र में विकास की योजनाओं को दें गति : मुख्यमंत्री

June 11th, 2020 18:30 IST
 उप्र में विकास की योजनाओं को दें गति : मुख्यमंत्री

हाईलाइट

  • उप्र में विकास की योजनाओं को दें गति : मुख्यमंत्री

लखनऊ, 11 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास की योजनाओं को गति दी जाए। सभी मंडलायुक्त अपने-अपने मंडलों में विकास की योजनाओं की समीक्षा करना शुरू कर दें। इसके साथ ही योजनाओं को बढ़ाने के लिए आगे की रणनीति भी बना लें।

उक्त जानकारी गुरुवार को अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी।

उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मंडलों में विकास की योजनाओं को गति देना शुरू किया जाए। भारत सरकार की स्कीम के अंतर्गत रोजगार सृजन को लेकर बन रही कार्य योजना की तैयारी कर लें। 15 जून तक एक करोड़ मानव दिवस के सृजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके तहत मनरेगा, एक्सप्रेस-वे, हाइवे, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, पेजयल की योजनाओं, वनीकरण सहित सभी विभागों को जोड़कर इस लक्ष्य को प्राप्त करें।

उन्होंने बताया, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद, कानपुर, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, बस्ती, अलीगढ़ और गौतमबुद्ध नगर में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन्हीं जनपदों में सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं, इसलिए मुख्यमंत्री का फोकस इन जनपदों पर ज्यादा है। प्रदेश में आए कामगारों एवं श्रमिकों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर पूल टेस्टिंग की गई है। इसमें जो भी पॉजिटिव मिले हैं उनका उपचार किया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया, मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों की निरंतर मॉनीटरिंग की जाए। उन्हें समय पर जलपान और भोजन मिले। अस्पतालों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था हो। इसके साथ ही टेस्टिंग के लक्ष्य को 20 हजार किया जाए।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि मृत्यु दर को कम करने की दिशा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराएं और लोग अनिवार्य रूप से मास्क पहने यह भी सुनिश्चित किया जाए।

अवस्थी ने बताया, मुख्यमंत्री योगी 12 जून, यानी बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में बाल श्रम विद्या योजना की शुरूआत करेंगे। यह योजना श्रमिकों के बच्चों के लिए है, इसके तहत कल 2 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।