दैनिक भास्कर हिंदी: INX Media: चिदंबरम रहेंगे जेल में या मिलेगी बेल, SC ने रखा फैसला सुरक्षित

October 18th, 2019

हाईलाइट

  • SC ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया
  • दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ चिदंबरम ने याचिका लगाई है
  • चिदंबरम फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। पूर्व वित्त मंत्री की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ है जो उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में जमानत देने से इनकार करती है। इससे पहले दिन में CBI ने दिल्ली की एक अदालत में चार्जशीट फाइल की थी जिसमें चिदंबरम उनके बेटे कार्ति और इंद्राणी मुखर्जी समेत 14 लोगों के नाम है।

बता दें कि सबीआई और ईडी दोनों अलग-अलग INX मीडिया मामले की जांच कर रही है। सीबीआई भ्रष्टाचार के मामले की और ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की। सीबीआई ने 21 अगस्त को चिंदबरम को उनके जोर बाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। 22 अगस्त को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें चार दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में 5 सितंबर को उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। सीबीआई की मांग पर उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाकर 17 और फिर 24 अक्टूबर तक कर दी गई।

पी चिदंबरम के वकीलों ने इस दौरान अदालत में एक अन्य आवेदन भी दिया था जिसमें कहा गया था कि चिदंबरम प्रवर्तन निदेशालय (ED) मामले में आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। चिदंबरम के इस आवेदन पर 12 सितंबर को सुनवाई हुई थी। हालांकि अदालत ने चिंदबरम के इस आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद ED ने शुक्रवार 11 (अक्टूबर) को पी चिदंबरम के प्रोडक्शन वारंट के लिए कोर्ट का रुख किया था। ईडी के कोर्ट जाने के बाद स्पेशल जज अजय कुमार कुहर ने आदेश दिया कि चिदंबरम को 14 अक्टूबर (सोमवार) को दोपहर 3 बजे से पहले पेश किया जाए।

मंगलवार (15 अक्टूबर) को कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि ईडी बुधवार को तिहाड़ जेल में चिदंबरम से पूछताछ कर सकती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। बुधवार (16 अक्टूबर) को ईडी ने तिहाड़ जेल में पूछताछ करने के बाद पी चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया। ED की टीम सुबह करीब 8.15 बजे तिहड़ जेल पहुंची और लगभग दो घंटे तक परिसर में मौजूद रही। जेल परिसर में चिदंबरम की पत्नी और बेटा भी मौजूद थे।

2007 में जब UPA-1 में चिदंबरम वित्त मंत्री थे उस वक्त उन्होंने मुंबई की INX मीडिया कंपनी को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी दिलाने में मदद की थी। उन्होंने अनियमितता बरतते हुए मीडिया समूह को FIPB क्लीयरेंस दे दिया। इसके बाद INX को 305 करोड़ रुपए मिले। इस मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को एक एफआईआर दर्ज की थी। पिछले साल ED ने भी इस मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी मामले में आरोपी हैं।

INX मीडिया कंपनी के मालिक पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी हैं, जो अपनी बेटी शीना बोरा के मर्डर के आरोप में जेल में बंद हैं।