दैनिक भास्कर हिंदी: सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट हैक, रिस्टोर करने की कोशिश जारी

April 19th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट हैक हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो ब्राजील के एक हैकेर ग्रुप ने वेबसाइट को हैक किया है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट supremecourtofindia.nic.in खोले जाने पर पेज पर हाईटेक ब्राजील हैकटीम लिखा हुआ दिख रहा था। हालांकि कुछ देर बाद साइट पर अंडर मेन्टेनेंस का मैसज आने लगा। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने भी वेबसाइट हैक होने की पुष्टि की है।

NIC ने वेबसाइट रिस्टोर के सुझाए रास्ते
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट हैक होने को लेकर मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की ओर से कहा गया है नेशनल इन्फॉरमेटिक्स सेंटर सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मेंटेनेंस का काम नहीं देखती है। हालांकि मिनिस्ट्री की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट दोबारा रिस्टोर करने को लेकर रास्ते सुझाए है। इस खबर के आने के बाद लोग सोशल मीडिया में भी इसके बारे में बात करते दिखे। लोग सवाल कर रहे हैं कि वाकई वैबसाइट हैक हुई है या नहीं। जज लोया केस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही ये वेबसाइट हैक हुई है।

 



2013 में भी इसी ग्रुप ने की थी सैकड़ों वेबसाइट हैक
बता दें कि हाईटेक ब्राजिल हैक टीम हैकर्स का वहीं ग्रुप है जिसने साल 2013 में भी दुनिया भर में सैकड़ों वेबसाइट्स को अपना निशाना बनाया था। उस समय हैक हुई वैबसाइट्स पर  "Hackeado por HighTech Brazil HackTeam - No\One - CrazyDuck - Otrasher - L34NDR0." का मैसज दिखाई दे रहा था। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर भी "Hackeado por HighTech Brazil HackTeam" लिखा है।

रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट की भी आई थी हैक होने की खबर
इससे पहले 6 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट भी हैक होने की खबरें आई थी। हालांकि बाद में हैक की संभावना को नकारते हुए राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक गुलशन राय ने कहा था कि रक्षा और गृह मंत्रालय सहित किसी भी सरकारी वेबसाइट को हैक नहीं किया गया है, इनमें सिर्फ कुछ हार्डवेयर से संबंधित समस्या आई है। वेबसाइटों में आ रही परेशानी पर स्थिति साफ करते हुए राय ने कहा था ये वेबसाइट दोपहर से बंद हैं। स्टोरेज क्षेत्र नेटवर्किंग प्रणाली की विफलता की वजह से इन वेबसाइटों में समस्या आ रही है। राय1998 से साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे है।