दैनिक भास्कर हिंदी: राहुल के ज्ञान में इतनी वृद्धि कैसे हो गई कि वे हिंदुत्व का मतलब समझाने लगे : सुषमा

December 2nd, 2018

हाईलाइट

  • राहुल ने चुनावी रैली में कहा था- नरेन्द्र मोदी को नहीं पता हिंदू होने का सार क्या है
  • सुषमा स्वराज बोलीं- भगवान न करें राहुल से सीखना पड़े हिंदू होने का मतलब
  • रविशंकर प्रसाद ने कहा- राहुल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हिंदुत्व का चोला ओढ़ते हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान में चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के एक बयान पर घमासान छिड़ गया है। हिंदुत्व का मतलब न जानने को लेकर राहुल द्वारा पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी पर यह बवाल मचा है। दरअसल, राहुल ने शनिवार को उदयपुर में रैली के दौरान कहा था कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह हिंदू हैं लेकिन वह हिंदुत्व के बारे में कुछ नहीं जानते। इस पर बीजेपी नेता और केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है।

सुषमा स्वराज ने राहुल की इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा है कि भगवान न करें कि हमें राहुल गांधी से हिंदू होने का मतलब समझना पड़े। सुषमा ने कहा, 'बयान आया कि वो जनेऊधारी ब्राह्मण हैं, पर मुझे नहीं मालूम था कि जनेऊधारी ब्रह्मण के ज्ञान में इतनी वृद्धि हो गई कि हिंदू होने का मतलब अब हमें उनसे समझना पड़ेगा। भगवान न करें कि वो दिन आए कि राहुल गांधी से हमे हिंदू होने का मतलब जानना पड़े।'

 

 

सुषमा स्वराज ने यह भी कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अब तक नहीं जानते कि उनका धर्म और जाति क्या है। सालों से पार्टी उन्हें सेक्युलर नेता के रूप में पेश करती आई है लेकिन जब भी चुनाव करीब होते हैं, और उन्हें महसूस होता है कि चुनावी राज्य में हिंदू बहुसंख्यक हैं तो वे अपनी इमेज बदल लेते हैं।

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी इस मुद्दे पर राहुल को घेरा है। उन्होंने कहा है, 'राहुल गांधी की समस्या यह है कि वे एक कनफ्युस्ड गांधी हैं और लगातार राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हिंदुत्व का चोला ओढ़ लेते हैं। वे वास्तव में हिंदू होने के लिए वचनबद्ध नहीं है, वे महज राजनीतिक मतलब साधने के लिए हिंदू बन जाते हैं।'

 

 

क्या कहा था राहुल ने
उदयपुर में शनिवार को चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, 'हिंदुत्व का सार क्या है? गीता क्या कहती है? यह सभी को पता है। हमारे चारों तरफ ज्ञान है। हर जीवित प्राणी के पास ज्ञान है। हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह हिंदू हैं लेकिन वह हिंदुत्व के आधार को नहीं जानते? पता नहीं वे किस किस्म के हिंदू हैं?'