दैनिक भास्कर हिंदी: तेलंगाना सीएम बोले- सत्ता में फिर लौटेंगे, दिल्ली की पार्टियों के आगे सरेंडर नहीं करेंगे

September 3rd, 2018

हाईलाइट

  • 'तेलंगाना में हम फिर ताकतवर बनेंगे और सत्ता में लौटेंगे। हम दिल्ली की पार्टियों के आगे सरेंडर नहीं करेंगे।'
  • 'जब तक में अपने राज्य के हर घर में पानी नहीं पहुंचा देता, तब तक मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा।'

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना सीएम और TRS पार्टी के चीफ के चंद्रशेखर राव ने राज्य में जल्द चुनाव कराने की अटकलों खारिज करते हुए कुछ बड़े ऐलान किये हैं। इनमें अगले विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने और राज्य के हर घर में पानी पहुंचाने तक खुद के चुनाव न लड़ने की घोषणा शामिल है। रविवार को हैदराबाद के करीब रंगा रैड्डी जिले में एक विशाल जन रैली में केसीआर ने कहा कि वे फिर सत्ता में लौटेंगे और दिल्ली की पार्टियों के आगे सरेंडर नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु में वहां के लोग ही राज्य में शासन करते हैं। ठीक उसी तरह तेलंगाना में हम फिर ताकतवर बनेंगे और सत्ता में लौटेंगे। हम दिल्ली की पार्टियों के आगे सरेंडर नहीं करेंगे।'
 


केसीआर ने जनरैली में राज्य के हर में पानी पहुंचाने का वादा भी किया। उन्होंने कहा, 'मैं वादा करता हूं कि जब तक में अपने राज्य के हर घर में भागीरथ मिशन के तहत पानी नहीं पहुंचा देता, तब तक मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। ऐसी घोषणा देश का कोई अन्य मुख्यमंत्री करने की हिम्मत नहीं दिखा सकता।'

 


केसीआर ने इस दौरान विधानसभा भंग करने और राज्य में जल्दी चुनाव करवाने की अटकलों को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'कुछ मीडिया चैनल कह रहे हैं कि केसीआर जल्द ही विधानसभा भंग कर देंगे। सभी TRS नेताओं ने मुझे तेलंगाना के भविष्य पर निर्णय लेने का मौका दिया है। मैं जब भी कोई इस तरह का निर्णय लूंगा, मैं सबको बताऊंगा।'

 


बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स में यह कयास लगाए जा रहे थे कि सीएम के चंद्रशेखर राव रविवार को विधानसभा भंग करा सकते हैं। तेलंगाना में मई 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे। केसीआर का कार्यकाल मई 2019 में पूरा हो रहा है। ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि केसीआर लोकसभा चुनाव के साथ राज्य के विधानसभा चुनाव के पक्ष में नहीं हैं। इसलिए वे इस साल के अंत में होने वाले मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम चुनाव के साथ ही तेलंगाना में भी चुनाव कराना चाहते हैं। हालांकि इस पर TRS के किसी भी नेता ने अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।