मौसम अलर्ट: दिल्ली में 6 दिन, एमपी के इन शहरों में दो दिन होगी भारी बारिश, जानिए देश के और किन राज्यों में जारी रहेगा भारी बारिश का दौर

July 21st, 2022

हाईलाइट

  • मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार के बाद से नया सिस्टम बनने के कारण पूरे मध्यप्रदेश में एक साथ बारिश होगी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। देश के अधिकांश राज्यों में तेज बारिश हो रही है। कई राज्यों में जहां बारिश राहत लेकर आई है वहीं कई राज्यों में आफत बनकर। महाराष्ट्र, गुजरात, एमपी, उत्तराखंड, असम समेत अन्य राज्यों के कई इलाकों में इस बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिन के लिए देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के अजमेर समेत 5 अन्य जिलों में अगले 36-48 घंटे में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं बात करें पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सूबे के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। बता दें कि राज्य कई दिनों से जारी भारी बारिश की वजह से रुद्रप्रयाग जिले में एक पुल का शटर गिर गया। इस घटना में दो मजदूरों ने जान चली गई। 

 

 

 भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। प्रशासन द्वारा मार्ग से मलबे को हटवाया जा रहा है।  

दिल्ली में अगले 6 दिन हल्की से तेज बारिश की संभावना

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते कई दिनों से झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 21 जुलाई यानि आज भी दिल्ली में तेज बारिश होने की संभावना जताई थी। बारिश होने की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत तो जरुर मिली, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिस वजह से इन इलाकों में रहने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। मौसम विभाग ने राजधानी में आगामी 6 दिनों तक हल्की से तेज बारिश होने की बात कही है। 

अगले दो दिन एमपी के ग्वालियर-चंबल, बघेलखंड और बुंदेलखंड इलाकों में भारी बारिश के आसार

मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल इलाके में तेज बारिश का दौर जारी है। भिंड जिले में सिंध नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से बाढ़ के हालात निर्मित हो गए हैं। बुधवार को हुई भारी बारिश की वजह से नदी में रेत भरने गए 50 डंपर अचानक आई बाढ़ में फंस गए। हालांकि इससे एक बात साबित हो गई कि सिंध में बड़े लेवल पर अवैध रेत उत्खनन हो रहा है। क्योंकि सरकार द्वारा जुलाई से लेकर सितंबर माह तक नदी से रेत निकालने में रोक लगा रखी है। 

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, और बघेलखंड क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। इसी के साथ राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन में हल्की बारिश की संभावना भी विभाग ने जताई है। बात करें बीते 24 घंटे की तो प्रदेश के खंडवा जिले में सबसे अधिक 4 इंच बारिश हुई। वहीं, नर्मदापुरम्, रतलाम, बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रतलाम, ग्वालियर, सिवनी, सागर, सतना, खरगौन, धार, दतिया, धार, इंदौर समेत अन्य जिलों में भी बीते 24 घंटे में बारिश हुई। 

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार के बाद से नया सिस्टम बनने की वजह से पूरे प्रदेश में एक बार फिर बारिश होगी। विशेषज्ञों ने बताया कि, अरब सागर से आने वाली नमी से य़ूपी से लगे इलाकों में भारी बारिश होगी।