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यूपी : स्कूल गए तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मौत, स्कूल प्रिसिंपल और शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज

July 12th, 2018 17:53 IST
यूपी : स्कूल गए तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मौत, स्कूल प्रिसिंपल और शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले तीन छात्रों की तालाब में डूबने से मौत हो गई।
  • पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
  • यह मामला पाली थाना क्षेत्र के भरखनी गांव में सरकारी स्‍कूल का है।

डिजिटल डेस्क, हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की लापरवाही की वजह से तीन मासूमों की मौत हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को ये सभी बच्चे स्कूल में लंच के दौरान नहाने और शौच के लिए जैसे-तैसे तालाब पहुंचे थे। इसी दौरान तालाब में डूब गए। मरने वालों में दो सगे भाई मोहित और हर्षि है। इनके अलावा एक मृतक बच्चे का नाम सूर्यांश है। परिजनों के शिकायत के आधार पर पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने परिजनों को इस मामले में सख्त जांच का भरोसा भी दिलाया। यह मामला पाली थाना क्षेत्र के भरखनी गांव में सरकारी स्‍कूल का है। पुलिस के मुताबिक हादसे में दो सगे भाईयो की मौके पर ही मौत हो गई और सूर्यांश नाम के बच्चे ने देर रात अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

यह है पूरा घटनाक्रम 

तालाब में डबते इन बच्चों पर कुछ लोगों की नजर गड़ी तो वो तुरंत इन बच्चों की मदद के लिए पहुंचे, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी। दो बच्चों की मौके पर मौत हो गई। लोगों ने एक बच्चे को जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इस बच्चे ने देर रात अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है। बच्चे के शवों को लेकर परिजन स्कूल पहुंच गए। ग्रामीणों की मांग है कि तालाब में बच्‍चों के डूबने की घटना में दोष‍ियों के ख‍िलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का हंंगामा देख स्कूल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ग्रामीणों के बढ़ता देख एसडीएम मौके पर पहुंचे शांत कराया। ग्रामीणों ने एसडीएम से स्कूल प्रधान सहित शिक्षा विभाग के सभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई मांग की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की तब जाकर लोगों ने बच्चों का अंतिम संस्कार किया। 

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सरकारी स्कूल के ये है हालात 

भरखनी गांव में सरकारी स्‍कूल में शौचालय गंदे पड़े हैं। इसकी वजह से स्‍कूल के बच्‍चे तालाब के पास जाकर शौचालय करने को मजबूर होते हैं। शौचालय जाते वक्‍त ही तीन बच्‍चे हादसे का श‍िकार हो गए। इतना ही नहीं विद्यालय में एक हैंडपंप है लेकिन वह भी काफी अरसे से खराब पड़ा हुआ है। 


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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।