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110 फीट गहरे बोरवेल से 31 घंटे बाद सुरक्षित निकाली गई 3 साल की सना

August 02nd, 2018 11:57 IST

हाईलाइट

  • बिहार में 3 साल की सना को 31 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 110 फीट गहरे बोरवेल से सुरक्षित निकाल लिया गया।
  • SDRF और NDRF की टीमों ने सेना की मदद से यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
  • इसे रात 10.40 पर कामयाबी मिली।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में 3 साल की सना को 31 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 110 फीट गहरे बोरवेल से सुरक्षित निकाल लिया गया। SDRF और NDRF की टीमों ने सेना की मदद से यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसे रात 10.40 पर कामयाबी मिली। फिलहाल सना का इलाज मुंगेर के सिविल अस्पताल में किया जा रहा है।


बता दें कि मुंगेर जिले के थाना मुर्गीयाचक मोहल्ला में मंगलवार शाम 3 साल की सना घर के आगन में बने बोरवेल में गिर गई थी। सना पंजाब नेशनल बैंक में काम करने वाले अपने पापा नचिकेता के साथ 2 दिन पहले नाना के घर आई थी। मंगलवार शाम वह ननिहाल में पड़ोसी  के घर हो रहे बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गई। नचिकेता मुंगेर के दलहट्टा इलाके में रहते हैं।


एसडीआरएफ के संजीव कुमार ने बताया कि बच्ची के रेस्क्यू के लिए हर मुमकिन कोशिश की गई। मौके पर L शेप में गड्ढा खोदा गया। कोतवाली थाना प्रभारी राजेश शरण ने बताया  बच्ची को सांस लेने में दिक्कत न हो इसलिए बोरवेल में लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई गई।

31 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सना को बचाने के लिए 31 घंटे तक रेस्क्यू टीम लगी रही। रेस्क्यू के दौरान बच्ची का पैर फंसा होने की वजह से उसे सुरक्षित निकालने में थोड़ी देरी हुई। इसके अलावा बारिश होने के चलते भी टीम को रेस्क्यू में समस्या का सामना करना पड़ा। इस दौरान सदर अस्पताल के डॉ. फैज सना की सेहत पर लगातार नजर रखे हुए थे। सना पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही थी। टीम ने बताया कि सना 45 फीट की गहराई में फंसी थी। बोरवेल की खुदाई में प्रशासन ने उन मजदूरों को भी लगाया था, जो कब्र खोदते हैं। ये मजदूर गड्ढे खोदने में माहिर होते हैं।

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।