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भूजल बचाने के लिए पानी का दुरुपयोग रोकना होगा : नीतीश

October 26th, 2019 18:30 IST
 भूजल बचाने के लिए पानी का दुरुपयोग रोकना होगा : नीतीश

हाईलाइट

  • भूजल बचाने के लिए पानी का दुरुपयोग रोकना होगा : नीतीश

पटना, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां शनिवार को कहा कि पानी का दुरुपयोग रोकना होगा। अगर दुरुपयोग रोका न गया, तो एक दिन भूजल समाप्त हो जाएगा। उन्होंने भूजल बचाने के लिए पेड़ लगाने की बात पर भी जोर दिया।

पटना के ज्ञान भवन में जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद अपने संबोधन में नीतीश ने कहा कि बिहार सरकार राज्य में हरित आवरण बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में 24 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, अभी तक 19 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जल-जीवन-हरियाली अभियान पर एक पुस्तक का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य के सभी जिलों, प्रखंडों और पंचायत स्तर पर कम-से-कम एक योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि आज 2391 योजनाओं का उद्घाटन और 1359 करोड़ रुपये लागत की 32,781 योजनाओं का शिलान्यास किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक कुएं का जीर्णोद्धार किया जाएगा तथा सार्वजनिक स्थल के चापाकलों को ठीक कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ और सूखे से निपटने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के अलावा मंत्री नंद किशोर यादव, श्रवण कुमार व सांसद रामकृपाल यादव समेत कई लोग मौजूद थे।

मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से मुकाबले के लिए अगले साल एक दिन में 2़51 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे तथा इसके लिए 5 करोड़ पौधों की नर्सरी विकसित की जा रही है। अभियान के तहत अगले तीन वर्षो में खर्च होने वाले कुल 24,524 करोड़ रुपये में से वन विभाग 4,092 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

उन्होंने कहा कि नर्सरी और मनरेगा के साथ पौधरोपण पर 2,756 करोड़ रुपये तथा जल संरक्षण के लिए चेक डैम के निर्माण पर 1,326 करोड़ रुपये खर्च किया जाना प्रस्तावित है।

मोदी ने कहा कि अगले तीन वर्षो में 7 करोड़ 70 लाख पौधे लगाकर बिहार के हरित आवरण को समृद्ध किया जाएगा। योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षो (वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22) में प्रतिवर्ष 50 हजार हेक्टेयर वनभूमि में भूजल संरक्षण किया जाएगा। इस साल (2019-20) में 45 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त वनभूमि में भूजल संरक्षण की योजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।