comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

उद्धव बोले बालासाहेब को दिया था वचन, एक दिन हमारे पास शिवसेना का CM होगा

उद्धव बोले बालासाहेब को दिया था वचन, एक दिन हमारे पास शिवसेना का CM होगा

हाईलाइट

  • मुख्यमंत्री पद पर दावा कर उद्धव ठाकरे ने बढ़ाई उलझन
  • रंगशारदा सभागार में पार्टी शिवसेना नेताओं को संबोधित किया
  • कहा सत्ता आती-जाती रहती है लेकिन हम न्याय के लिए लड़ें

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनवाने का जो वचन मैंने बाला साहेब को दिया था, उसे पूरा करना है। हालांकि उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन टूटने की संभावना से इंकार करते हुए कहा कि यहां 288 विधानसभा क्षेत्रों के इच्छुक उम्मीदवारों को बुलाने का यह मतलब नहीं है कि युति टूट रही है। उद्धव ने कहा कि एक-दो दिनों के भीतर शिवसेना-भाजपा युति का एलान कर दिया जाएगा। 

सपना पूरा करने का दिया था वचन
शनिवार को रंगशारदा सभागार में पार्टी शिवसेना नेताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि इस बार मुझे सत्ता चाहिए। उद्धव ने कहा कि मैंने शिवसेना प्रमुख बाला साहेब के हाथ में हाथ देकर उन्हे वचन दिया था कि एक न एक दिन महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री का सपना पूरा करूंगा। उन्होंने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है लेकिन हमें न्याय के लिए लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार मुझे सत्ता चाहिए। 

उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर मेरी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सकारात्मक बातचीत हो रही है। कुछ सीटों को लेकर पेंच हैं लेकिन उसे जल्द सुलझा लिया जाएगा। हम दोस्ती करते हैं तो दिल से करते हैं। उन्होंने कहा, "मैं महाराष्ट्र में सत्ता चाहता हूं लिहाजा मैंने सभी 288 सीटों के इच्छुकों को बुलाया है। मैं सभी निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करना चाहता हूं। 

भाजपा का समर्थन मिले
उन्होंने कहा है कि अगर गठबंधन होता है तो शिवसेना, भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेगी, लेकिन शिवसेना के उम्मीदवारों को भी भाजपा का समर्थन मिलना चाहिए। कार्यकर्ताओं से पार्टी और सहयोगी दलों के प्रति निष्ठावान रहने का आह्वान करते हुए उद्धव ने कहा कि कि मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि जिन क्षेत्रों (विधानसभाओं) में शिवसेना को चुनाव लड़ना है वहां हमारी पूरी चुनावी तैयारी हो। 

वहीं उन्होंने राकांपा नेता अजित पवार पर कटाक्ष करते हुए उद्धव ने कहा कि ' मैं राजनीति छोड़कर किसानी नहीं करुंगा। मैं शिवसैनिक को रूप में काम करुंगा।'अजित पवार ने शुक्रवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था।

कमेंट करें
FW2wh
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।