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उद्धव का फडणवीस पर पलटवार, कहा- अमित शाह सीएम पद शेयरिंग को तैयार थे

उद्धव का फडणवीस पर पलटवार, कहा- अमित शाह सीएम पद शेयरिंग को तैयार थे

हाईलाइट

  • भाजपा और शिवसेना के बीच दरार बढ़ती जा रही है
  • दोनों दलों ने सरकार बनाने के गतिरोध के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भाजपा और शिवसेना के बीच दरार बढ़ती जा रही है, क्योंकि दोनों दलों ने सरकार बनाने के गतिरोध के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना प्रमुख पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और सीएम पद पर समान बंटवारे के शिवसेना के दावों का खंडन किया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फडणवीस के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अमित शाह इसके लिए सहमत थे।

देवेंद्र फडणवीस के बाद उद्धव ठाकरे ने शिवसेना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं बालासाहेब की तरह सच के साथ खड़ा हूं। मुझ पर झूठ बोलने के आरोप लग रहे हैं। अमित शाह बात करने मुंबई आए थे। मैंने सीएम पद को लेकर अमित शाह से स्पष्ट रूप से बात की थी। सबको पता है झूठ कौन बोल रहा है।'

ठाकरे ने कहा, 'देवेंद्र फडणवीस से ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी। बीजेपी भूल गई कि दुष्यंत चौटाला ने उनके लिए क्या कहा था। शिवसेना झूठ बोलने वालों की पार्टी नहीं है। मैंने कभी पीएम मोदी पर आरोप नहीं लगाए। मैं बीजेपी वाला नहीं हूं। झूठ नहीं बोलता। मैं झूठ बोलने वालों से बात नहीं करता। मैंने कभी दुष्यंत चौटाला जैसी भाषा का प्रयोग नहीं किया।'

उद्धव ने कहा 'मुझे जो सिखाया गया है, वह यह है कि शब्द देने से पहले एक बार नहीं, 4 बार, एक लाख बार सोचें, यदि आप इससे अधिक करना चाहते हैं, तो करें। लेकिन एक बार जब आपने शब्द दे दिए, तो आप पीछे नहीं हट सकते। मैं इस बात से दुखी हूं कि ठाकरे परिवार के किसी सदस्य पर पहली बार झूठ बोलने का आरोप लगाया गया है।'

उद्धव ने कहा 'मैं देवेंद्रजी को बताना चाहता हूं, चाहे अमित शाह और कंपनी हम पर कितने भी झूठे आरोप लगा लें, जनता को अच्छी तरह पता है कि कौन झूठ बोल रहा है और कौन सच बोल रहा है? मैंने बालासाहेब से वादा किया था कि एक दिन शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा और मैं उस वादे को पूरा करूंगा, इसके लिए मुझे अमित शाह और देवेन्द्र फडणवीस की जरूरत नहीं है।'

उद्धव ने कहा 'यह बहुत दुखद है कि गंगा की सफाई करते हुए उनके (बीजेपी) दिमाग प्रदूषित हो गए हैं। मुझे बुरा लगा कि हमने गलत लोगों के साथ गठबंधन किया।'

उद्धव ने कहा 'हमने चर्चा के लिए दरवाजे कभी बंद नहीं किए, उन्होंने (भाजपा) हमसे झूठ बोला इसलिए हमने उनसे बात नहीं की। हमने अभी तक एनसीपी के साथ बातचीत नहीं की है।' उन्होने कहा, 'हमने कभी भी चर्चा बंद नहीं की थी, जब मुझे पता चला कि बीजेपी समझौते से हट रही है, तब हमने बातचीत बंद की। हमने हमेशा अपना रुख साफ किया, अब वक्त है कि बीजेपी सच बोले।'

बता दें कि राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद ढाई साल के मुख्यमंत्री पद की शिवसेना की मांग को लेकर फडणवीस ने कहा, 'मेरे सामने इस पर कभी भी शिवसेना के साथ चर्चा नहीं हुई। मैंने अमित शाह जी से भी पूछा कि क्या ऐसा कोई फैसला हुआ है। उन्होंने बताया कि शिवसेना की तरफ से ऐसा प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन इस पर कभी कोई फैसला नहीं लिया गया।'

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।