दैनिक भास्कर हिंदी: आधार से जुड़े आपके निजी डाटा को 210 सरकारी वेबसाइटों ने किया लीक

November 19th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आधार की जानकारियां खुद सरकारी वेबसाइट सुरक्षित नहीं रख पा रही हैं, तो बाकि किसी अन्य वेबसाइट या सोर्स पर भरोसा करने का सवाल ही नहीं उठता है। बता दें कि आधार बनाने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की 210 से अधिक वेबसाइटों ऐसी हैं जिसने आधार होल्डरों के नाम और घर का पता जैसी जानकारियों को सार्वजनिक कर दिया है। यूआईडीएआई ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि उसने इस उल्लंघन पर संज्ञान लिया है और इन वेबसाइटों से जानकारियां हटवा दी हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह उल्लंघन कब हुआ।

दरअसल आधार देश में कहीं भी पहचान और घर के पते का सबूत है आज के समय में। यूआईडीएआई के अनुसार इसमें दी हुई जानकारी को किसी भी रूप में सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने विभिन्न सामाजिक सेवा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया है।

यूआईडीएआई ने RTI के जवाब में कहा है कि उसकी ओर से आधार के सूचना को कभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। संस्था ने कहा, 'यह पाया गया है कि शैक्षिक संस्थानों समेत केंद्र सरकार, राज्य सरकार के विभागों की तकरीबन 210 वेबसाइटों पर आधार होल्डरों के नाम, पते, अन्य जानकारियां और आधार संख्याओं को आम जनता की सूचना के लिए सार्वजनिक कर दिया गया।'

इसी के ही साथ RTI के जवाब में कहा गया है कि 'यूआईडीएआई का बहुत व्यवस्थित तंत्र है और वह उच्च-स्तरीय डेटा सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार अपने तंत्र को उन्नत बना रहा है।' यूआईडीएआई ने कहा कि विभिन्न नीतियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई है, इन्हें समय समय पर अपडेट किया गया है और यूआईडीएआई परिसरों के भीतर और बाहर, खास तौर पर डेटा केंद्रों में डेटा की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है।