comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

उप्र : दुष्कर्म के बाद आग के हवाले की गई किशोरी पीड़िता की मौत

November 18th, 2020 10:30 IST
 उप्र : दुष्कर्म के बाद आग के हवाले की गई किशोरी पीड़िता की मौत

हाईलाइट

  • उप्र : दुष्कर्म के बाद आग के हवाले की गई किशोरी पीड़िता की मौत

बुलंदशहर (उप्र), 18 नवंबर (आईएएनएस)। बुलंदशहर में कथित तौर पर आग के हवाले की गई 15 वर्षीय एक दलित किशोरी की दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में मौत हो गई है। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी।

दलित किशोरी ने मंगलवार रात में ही दम तोड़ दिया। उसे उसी दिन आग के हवाले किया गया था।

कथित तौर पर किशोरी का एक स्थानीय निवासी ने दुष्कर्म किया था और परिवार पर मामले की शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा था।

परिवार की ओर से दायर एफआईआर में कहा गया है कि सात लोग उनके घर में घुस गए और पेट्रोल डालकर पीड़िता को आग के हवाले कर दिया।

अस्पताल में भर्ती पीड़िता के एक वीडियो में उसे कथित रूप से यह कहते हुए सुना जा सकता है, आज जो लोग आए थे, उन पर छेड़छाड़ का मामला चल रहा था।

बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा, अगस्त में लड़की के साथ एक व्यक्ति ने दुष्कर्म किया था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी इस समय जेल में है। मंगलवार को हमें सूचना मिली कि उसी लड़की को रहस्यमयी परिस्थितियों में आग लगा दी गई है। मंगलवार की रात 11 बजे तक ऐसा प्रतीत हुआ कि उसने आत्महत्या का प्रयास किया था। लेकिन परिवार की शिकायत के अनुसार, सात लोगों ने उसे जलाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है और तीन को गिरफ्तार किया गया है।

पीड़िता के परिवार के अनुसार, आग लगाने वाले लोग उसी आरोपी के रिश्तेदार और परिचित हैं, जो पोक्सो और एससी/एससी एक्ट के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जेल में है।

पीड़िता के चाचा ने कहा, हमें पंचायत में दुष्कर्म के मामले को वापस लेने और निर्णय को स्वीकार करने की धमकी दी जा रही थी। सोमवार रात को मुझे एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। उन्होंने परिवार को केस वापस लेने या परिणाम भुगतने की बात कही। हमें जानकारी मिली कि, मंगलवार सुबह 9.30 बजे जब लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे, तब उसे आग लगा दी गई।

एफआईआर में संजय, बनवारी, बदन सिंह, वीर सिंह, जसवंत सिंह, गौतम और काजल का नाम है। पुलिस ने कहा कि वे पीड़िता के घर के करीब रहते हैं।

प्राथमिकी आईपीसी धारा 307 (हत्या की कोशिश), 147 (दंगा), 506 (आपराधिक धमकी), 452 और एससी / एसटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि शाम को पीड़िता की मौत के बाद धारा 302 (हत्या) के साथ एफआईआर को अपडेट किया गया।

एमएनएस

कमेंट करें
pveMy
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।