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उप्र के ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा मानहानि का नोटिस

November 07th, 2019 18:00 IST
 उप्र के ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा मानहानि का नोटिस

हाईलाइट

  • उप्र के ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा मानहानि का नोटिस

लखनऊ, 7 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश बिजली विभाग के पीएफ घोटाले पर शुरू हुए सियासी संग्राम के बीच गुरुवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के बयान को लेकर उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा है और एक सप्ताह के भीतर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है।

ऊर्जा मंत्री ने बयान जारी कर कहा, यह नोटिस अजय कुमार लल्लू द्वारा सार्वजिनक रूप से उनके खिलाफ दिए गए झूठे, आपत्तिजनक और अमर्यादित बयानों को लेकर भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि डीएचएफएल या सनब्लिंक कंपनी को धन हस्तांतरण में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है और उनकी भेंट भी उन कंपनियों के किसी अधिकारी से कभी नहीं हुई। वह सितंबर-अक्टूबर में ही नहीं, बल्कि कभी विदेश यात्रा पर नहीं गए। भविष्य निधि (पीएफ) का प्रबंधन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है, जिसमें वह किसी पद पर नहीं हैं और इस कार्य में उनकी कोई भूमिका भी नहीं है। डीएचएफएल को धन हस्तांतरण करने का निर्णय उनके कार्यकाल का नहीं है, वह पूर्व सरकार के समय का है।

ऊर्जा मंत्री ने साफ किया कि वह भविष्य में अपनी वाणी को लेकर विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू जी का आचरण न सिर्फ सार्वजनिक जीवन कि मयार्दाओं के विपरीत था, बल्कि समाज जीवन में शुचितापूर्ण ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले व्यक्ति के लिए मानहानिकारक था।

उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि लल्लू ने माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ आईपीसी दंड संहिता की धारा 499 एवं 500 के अंतर्गत मानहानि की दांडिक कार्यवाही के साथ ही दीवानी न्यायालय में हर्जाने के लिए दीवानी की कार्यवाही भी की जाएगी।

कांग्रेस नेता लल्लू ने नया सवाल उठाते हुए कहा था कि ऊर्जा मंत्री बताएं कि उन्होंने सितंबर-अक्टूबर, 2017 में दुबई की आधिकारिक यात्रा किस उद्देश्य से की थी।

कांग्रेस ने पीएफ घोटाले को भ्रष्टाचार के साथ देश की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ बताया है। लल्लू ने मांग की थी कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि सितंबर-अक्टूबर, 2017 में ऊर्जा मंत्री किस प्रयोजन से दुबई गए थे और वहां उन्होंने किन लोगों से मुलाकात की। यह दौरा उसी दौरान किया गया था, जब डीएचएफएल का पैसा सनब्लिंक को जा रहा था। लल्लू ने कहा था कि ऊर्जा मंत्री 10 दिन की उस आधिकारिक यात्रा के उद्देश्य बताएं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।