दैनिक भास्कर हिंदी: मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ी

August 25th, 2020

हाईलाइट

  • संबंधित प्राधिकारियों को इन्हें 31 दिसंबर 2020 तक वैध मानने का परामर्श दिया गया है
  • नौ जून को जारी आखिरी परामर्श में इसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दिया गया था
  • इससे पहले जून में इसे 30 सितंबर तक के लिए बढ़ाया गया था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मोटर वाहन अधिनियम के तहत अनिवार्य ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण, वाहन फिटनेस इत्यादि दस्तावेजों की वैधता बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 कर दी गयी है। इससे पहले जून में इसे 30 सितंबर तक के लिए बढ़ाया गया था। 

देश भर में कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम के लिए आवश्यक शर्तों के कारण और अभी तक व्याप्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक जिन दस्तावेजों की वैधता 1 फरवरी 2020 के बाद समाप्त हो चुकी है या 31 दिसंबर 2020 तक समाप्त हो जाएगी। वह 31 दिसंबर 2020 तक वैध माना जाएंगे। 

संबंधित प्राधिकारियों को इन्हें 31 दिसंबर 2020 तक वैध मानने का परामर्श दिया गया है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के अंतर्गत फिटनेस, परमिट, लाइसेंस, पंजीकरण या अन्य दस्तावेज अनिवार्य होते हैं। इससे पहले मंत्रालय ने 30 मार्च और 9 जून को भी आदेश जारी कर इनकी वैधता बढ़ायी थी। नौ जून को जारी आखिरी परामर्श में इसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दिया गया था।