comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

राजस्थान में जल जीवन मिशन की रफ्तार सुस्त : शेखावत

June 13th, 2020 19:30 IST
 राजस्थान में जल जीवन मिशन की रफ्तार सुस्त : शेखावत

हाईलाइट

  • राजस्थान में जल जीवन मिशन की रफ्तार सुस्त : शेखावत

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान में जल जीवन मिशन की प्रगति की रफ्तार सुस्त रहने पर चिंता जताई है। शेखावत ने शनिवार को कहा कि राज्य में पीने का साफ पानी मुहैया कराना आज भी एक चुनौती बना हुआ है, क्योंकि राज्य का एक हिस्सा जहां सूखाग्रस्त है, वहीं दूसरा रेगिस्तान है और ग्रामीण इलाकों में भू-जल में रासायनिक प्रदूषण की समस्या अलग है।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि भारत सरकार ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिख कर राज्य में जल जीवन मिशन की धीमी गति की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया है।

जल जीवन मिशन के कार्य में तेजी लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए शेखावत ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2019-20 के दौरान राज्य ने 18 लाख नल कनेक्शन की तुलना में सिर्फ एक लाख नल कनेक्शन दिए हैं। आगे वर्ष 2020-21 के लिए 35 लाख परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्रालय ने बताया कि सूखे की स्थिति, पानी की कमी और भू-जल में रासायनिक प्रदूषण जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के तहत वार्षिक आवंटन में वरीयता दी जाती है। इसलिए राजस्थान को जल जीवन के अंतर्गत अपेक्षाकृत अधिक राशि प्राप्त हो रही है।

शेखावत ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में राजस्थान को जहां 1,051 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, वही इस साल जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 2,522 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं, जो पिछले वित्तीय वर्ष के आबंटन का लगभग ढाई गुना है।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, फ्लोराइड प्रभावित बस्तियों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1,145 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वर्तमान स्थिति में राज्य के पास केंद्रीय हिस्से के रूप में इस साल की केंद्रीय निधि को मिलाकर साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध होगी।

शेखावत ने अपने पत्र में कहा कि राजस्थान के लिए अब निधि के कमी नहीं होगी। कुल मिलाकर राज्य सरकार के पास इस साल परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन देने के लिए सात हजार करोड़ से भी ज्यादा की धनराशि उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा 15वें वित्त आयोग अनुदान के रूप में राजस्थान के पंचायती राज संस्थानों को 3,862 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें 50 प्रतिशत राशि, 1,931 करोड़ रुपये जल आपूर्ति और स्वच्छता पर खर्च की जाएगी।

कमेंट करें
PQZpk
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।