दैनिक भास्कर हिंदी: अमानवियता: बिहार में घर के पास शराब बेचने से मना करने पर महिला की हत्या, फिर ठेले पर ले जाना पड़ा शव

July 18th, 2020

हाईलाइट

  • घर के पास शराब बेचने से मना करने पर महिला की हत्या
  • पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों को ठेले पर ले जाना पड़ा शव

डिजिटल डेस्क, नालंदा। बिहार में एक और जहां कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है तो वहीं दूसरी ओर लोग जानलेवा बाढ़ का सामना कर रहे हैं। यही नहीं बाढ़ और कोरोना से त्रस्त लोग स्वास्थ्य व्यवस्था से भी परेशान हैं। यहां लोगों को इलाज के लिए न अस्पताल नसीब हो रहा है और न ही किसी मृतक के शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस ही मिल पा रही है। इसका एक उदाहरण बिहार के नालंदा में सामने आया है। यहां एक व्यक्ति एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के कारण अपने रिश्तेदार का शव एक ठेले पर ले जाने को विवश हो गया। इसका वीडियो सामने आया है, जिसमें रिश्तेदार एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल की वजह से एक महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद ठेले से लेकर गए। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर खानापूर्ति कर दी है। 

 

दरअसल, बिहार के नालंदा में दीपनगर थाना क्षेत्र में जुरारपुर गांव में एक महिला के घर के पास शराब बेची जा रही थी। जब साको देवी नाम की इस महिला ने शराब बेचे जाने का विरोध किया तो पड़ोस में रहने वाले कैलू पासवान, भासो पासवान राहुल पासवान ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। हद तो तब हो गई, जब हत्या के बाद परिजनों को ही महिला के शव को ठेले पर रखकर पोस्टर्माटम के लिए अस्पताल लाना पड़ा। पुलिस और प्रशासन की बेशर्मी यहीं नहीं रुकी शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों द्वारा बिहार शरीफ सदर अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस की मांग की गई, लेकिन परिजनों के हाथ निराशा ही लगी। सरकारी एंबुलेंस न मिलने पर कड़ी धूप में परिजनों द्वारा ठेले पर ही शव को अपने घर तक ले जाना पड़ा। 

महिला के रिश्तेदार ने कहा कि महिला ने कुछ लोगों को घर के पास शराब बेचने से मना किया जिसके चलते उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने बताया कि हड़ताल होने के कारण उन्हें शव को ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस नहीं मिली। इस तरह हड़ताल के वक्त बिहार शरीफ सदर अस्पताल की तस्वीर सामने आना कोई बड़ी बात नही है, पहले भी मृत शरीर को लोग कंधे और मोटर साइकिल पर ले जाने का मामला आ चुका है। हम भी पोस्टमार्टम के बाद शव ठेले से ले जा रहे हैं।

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