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YesBank: फाउंडर राणा कपूर के घर ED का छापा, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज

YesBank: फाउंडर राणा कपूर के घर ED का छापा, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज

हाईलाइट

  • यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर के ठिकानों पर ईडी का छापा, केस भी दर्ज

डिजिटल डेस्क, मुंबई। यस बैंक के संस्थापक और पूर्व सीईओ राणा कपूर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो गया है। यानी अब राणा कपूर जांच पूरी होने तक देश से बाहर नहीं जा सकते हैं। वहीं ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत राणा कपूर के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है। ईडी की टीम ने शुक्रवार देर रात राणा कपूर के घर पर छापेमारी की और कपूर से पूछताछ भी की गई। लॉन्ड्रिंग के जुड़े सबूतों की तलाश में दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। बता दें कि, राणा कपूर का घर मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित है।

दरअसल गुरुवार को आरबीआई ने यस बैंक के खाताधरकों के लिए 50,000 रुपये की निकासी की सीमा तय की तब बैंक का संकट उजागर हुआ। इस खबर के बाद यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर ने मीडिया से बातचीत में कहा था, वह पिछले 13 महीने से सक्रिय नहीं हैं, इसलिए वे इस संकट पर कुछ नहीं कह सकते हैं। नवंबर 2019 में यस बैंक ने शेयर मार्केट को बताया था कि, कपूर बोर्ड से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं।

Yes Bank crisis: वित्त मंत्री बोलीं- खाताधारकों का पैसा सुरक्षित, चिंता करने की जरूरत नहीं

राणा कपूर आरोप है कि उन्होंने यस बैंक के जरिए मनमाने तरीके से लोन बांटे और लोन के लेन-देन की प्रक्रिया भी अपने हिसाब से तय की। ये लोन कपूर ने अपने निजी संबंधों के आधार पर बड़े-बड़े लोगों को दिए। यस बैंक ने अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, एस्सेल ग्रुप, रेडियस डिवेलपर्स, सीजी पावर और एस्सार पावर जैसे समूहों को लोन दिए हैं। आरोप है कि, बड़े कारोबारियों को लोन दिलाने में राणा कपूर की सहमति रही है। 2017 में यस बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था। 2018 में राणा कपूर पर कर्ज और बैलेंसशीट में गड़बड़ी का आरोप लगा, जिसके बाद आरबीआई ने उन्हें चेयरमैन के पद से हटा दिया था।

गौरतलब है कि, यस बैंक में 3 अप्रैल तक रकम निकासी की सीमा 50,000 रुपए तय की गई है। निवेशक हर रोज 50,000 तक नहीं बल्कि 3 अप्रैल तक कुल इतनी राशि निकाल सकेंगे। सरकार के इस फैसले के बाद से खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है। 

प्रतिबंध: Yes Bank के ग्राहक अब नहीं निकाल सकेंगे 50 हजार से अधिक रुपए, RBI ने लगाई रोक
हालांकि आपात स्थिति में निकासी की सीमा 5 लाख रुपए तक की तय की गई है। पढ़ाई, इलाज और शादी के लिए ज्यादा रकम निकाल सकेंगे। फिलहाल रकम निकासी की लिमिट 3 अप्रैल तक जारी रहेगी। वहीं RBI ने यस बैंक की वित्तीय हालत सुधारने के लिए अगले एक महीने के लिए बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का टेकओवर कर लिया है। 3 अप्रैल से पहले बैंक का पुनर्गठन कर दिया जाएगा।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।