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यूपी के मदरसों में लागू होगा ड्रेस कोड, नहीं पहन सकेंगे कुर्ता-पायजामा

September 06th, 2018 16:31 IST

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश के मदरसों में योगी सरकार अब ड्रेस कोड अनिवार्य करने जा रही है।
  • अब मदरसों में तालीम देने और लेने वाले कुर्ता-पायजामा नहीं बल्कि पैंट-शर्ट पहने नजर आएंगे।
  • योगी सरकार के इस फैसले के बाद कई मुस्लिम धर्म गुरु इसका विरोध कर रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मदरसों में एनसीईआरटी की किताबों को अनिवार्य करने के बाद योगी सरकार अब ड्रेस कोड अनिवार्य करने जा रही है। सरकार ने इसकी पूरी रूपरेखा भी तैयारी कर ली है। अब मदरसों में तालीम देने और लेने वाले कुर्ता-पायजामा नहीं बल्कि पैंट-शर्ट पहने नजर आएंगे। हालांकि योगी सरकार के इस फैसले के बाद कई मुस्लिम धर्म गुरु इसका विरोध कर रहे हैं। 

योगी सरकार में अल्पसंख्यक मंत्रालय को देख रहे राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा है कि अब मदरसों में पढ़ने और पढ़ाने वाले दोनों को ही पैंट शर्ट पहनना होगा। इसके पीछे उनका तर्क था कि आमतौर पर मदरसों में आने वाले बच्चे कुर्ता पायजामा और खासकर ऊंचे पजामे के कुर्ते पहन कर आते हैं, जो कि किसी धर्म विशेष की पहचान को दर्शाता है। मदरसों में छात्रों के बीच इसे खत्म करना जरूरी है। मंत्री रजा के मुताबिक एक खास किस्म का कुर्ता पायजामा पहनने से बच्चों में एक खास धर्म की पहचान दिखाई देती है, जो उनके अंदर हीन भावना पैदा करती है। 

योगी सरकार के मदरसों को लेकर लिए गए फैसलों पर लंबे समय से मुस्लिम धर्म गुरू नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। अबुतालिब मदरसे के सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा है कि उन्हे योगी सरकार की नीयत पर शक है। योगी सरकार को ऑक्सीजन न मिलने से मरने वाले बच्चों से ज्यादा मदरसों की चिंता है। ऐस क्यों है ? योगी सरकार मदरसों में भी पारदर्शिता लाना चाहती है। गौरतलब है कि योगी सरकार ने मदरसों में तिरंगा फहराने और उसकी वीडियोग्राफी मांगने के साथ ही  एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया था। इसके साथ हिन्दी और इंग्लिश दोनों ही भाषा में पढ़ाई कराने का फैसला लिया था।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।