Iran-Israel War: ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच भारत की कूटनीतिक रणनीति, एस. जयशंकर ने ईरान-कतर और UAE से की बात, क्या हुई चर्चा?

ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच भारत की कूटनीतिक रणनीति, एस. जयशंकर ने ईरान-कतर और UAE से की बात, क्या हुई चर्चा?
भारत ने पश्चिम एशिया तनाव पर कदम बढ़ाए हैं। एस जयशंकर ने कई देशों से बात करनी शुरू कर दी है। वहीं, जंग के चलते होर्मुज संकट से तेल, गैस और उर्वरक सप्लाई पर असर की चिंता बढ़ गई है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने तेजी से कूटनीतिक कदम उठाए हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान, कतर और यूएई के नेताओं से फोन पर बात की। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए डेडलाइन दी है। इस पूरे मामले से तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत के लिए यह मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक इसी क्षेत्र से पूरी होती हैं।

किन नेताओं से हुई बातचीत

एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी और यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। इन सभी बातचीत में मिडिल ईस्ट तनाव पर चर्चा हुई। हालांकि, बातचीत को लेकर ज्यादा जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

ट्रंप की चेतावनी के बीच बढ़ा तनाव

डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई चेतावनी के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसी वजह से पूरे पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ गई है। भारत भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।

भारत पर असर और चिंता

पश्चिम एशिया भारत के लिए तेल और गैस का बड़ा स्रोत है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई प्रभावित हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे आम लोगों पर असर पड़ेगा। भारत चाहता है कि यह संकट जल्द खत्म हो और ऊर्जा की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे। इसी कारण भारत लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।

Created On :   6 April 2026 9:44 AM IST

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