Sonam Wangchuk Hunger Strike: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नहीं खत्म होगी लड़ाई, जानें वो 8 शर्तें, जिन्हें मनवाने के लिए डटे हैं सोनम वांगचुक

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नहीं खत्म होगी लड़ाई, जानें वो 8 शर्तें, जिन्हें मनवाने के लिए डटे हैं सोनम वांगचुक
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते 20 दिनों से सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। अब तक कई विपक्षी दलों के नेताओं से लेकर फिल्मी कलाकर उनसे मुलाकात कर चुके हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते 20 दिनों से सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। अब तक कई विपक्षी दलों के नेताओं से लेकर फिल्मी कलाकर उनसे मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। साथ ही उनसे अनशन खत्म करने की अपील भी कर रहे हैं। लेकिन, सोनम वांगचुक डटे हुए हैं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा कि मैं किसी भी हाल में 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा। अगर आप नहीं आए और 20 जुलाई का प्रदर्शन सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आऊंगा। दरअसल, 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च की घोषणा की है।

क्या है सोनम वांगचुक की मांगे?

सोनम वांगचुक ने केवल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना चाहते हैं। बल्कि उनकी कई और मांगे भी हैं। ये मांगे हैं -

  1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
  2. NTA को भंग किया जाए
  3. वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षण आयोग का गठन
  4. परीक्षण एजेंसियों का CAG ऑडिट
  5. परीक्षाओं के लिए निश्चित कैलेंडर
  6. प्रभावित छात्रों के लिए अधिकार चार्टर और कल्याण कोष
  7. पेपर लीक के मामलों में संसद में श्वेतपत्र
  8. के राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों का कार्यान्वयन

डॉक्टर्स ने सोनम वांगचुक की सेहत पर जताई चिंता

बात करें सोनम वांगचुक के सेहत की। तो डॉक्टर्स ने उनकी गंभीर चिंता जताई है। डॉक्टर्स ने चेतावनी दी है कि अगर लंबे समय तक सोनम वांगचुक भूखे रहे तो उनके ऑर्गन फेल हो सकते हैं। प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने कहा अपनी बिगड़ती शारीरिक स्थिति को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प अडिग है। उन्होंने कहा, "मैं बाहर से कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। मुझे यकीन है कि आप सभी अंदर और बाहर, दोनों तरह से मजबूत हैं। हमें 20 जुलाई के लिए इस ऊर्जा की ज़रूरत है, जब हम संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। हम सब मिलकर लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे।"

बीते 24 घंटों में वांगचुक का वजन 350 ग्राम और कम हो गया। इससे जिससे उनका कुल वजन लगभग 9।5 किलोग्राम कम हो गया है। उनकी देखभाल कर रहे चिकित्सकों के दल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक का वजन अब 56।55 किलोग्राम है। उनका बीपी 108/68 एमएमएचजी, ब्लग शूगर 80 एमजी/डीएल, पल्स रेट 72 प्रति मिनट और ऑक्सीजन संतृप्तता 96 फीसदी दर्ज की गयी।

Created On :   17 July 2026 8:47 PM IST

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