CJP Protest: क्या धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री पद से देंगे इस्तीफा? केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने किया स्पष्ट

क्या धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री पद से देंगे इस्तीफा? केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने किया स्पष्ट
नीट पेपर लीक के बाद से लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठ रही है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के बाद से लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठ रही है। इस पर अब केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी की तरफ से जानकारी सामने आई है। एबीपी ने अपनी रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से बताया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। इस वजह से उनके इस्तीफे की गुंजाइश काफी कम नजर आ रही है।

छात्रों और विपक्ष की मांग

सोशल मीडिया से उभरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) अब सड़कों पर नजर आ रही है। इसके बैनर तले छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय, शिक्षा प्रणाली में सुधार का मुद्दा उठा रहे हैं। यहीं मुद्दा विपक्ष भी उठा रहा है। दोनों पक्षों की मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान अपने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे।

मोदी सरकार बातचीत के लिए तैयार

जंतर-मंतर पर सीजेपी पिछले एक महीने से ज्यादा धरने पर बैठी हुई है। इस दौरान उन्होंने सोमवार 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 'संसद चलो' मार्च किया था। इसके एक दिन बाद यानी 21 जुलाई को पीएम आवास के पास लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया था। इन सबको लेकर अधिकारी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ गंभीरता से इस मामले में बातचीत करने को तैयार है।

हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि बैठक की 'जगह' को लेकर किसी को भी अड़ियल रुख नहीं अपनाना चाहिए। सीजेपी ने अपने एक बयान में बैठक को लेकर कहा था कि सरकार के साथ बातचीत सिर्फ जंतर-मंतर या फिर इसके आसपास हो सकती है, जिसके लिए सरकार को उनके पास आना होगा।

सीजेपी की जेपी नड्डा से हुई बातचीत

सोमवार को सीजेपी के संसद मार्च के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की प्रदर्शनकारियों के दो प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात हुई। ये मुलाकात मंत्री के आवास भी हुई थी। इस दौरान उन्होंने उनकी मांगे सुनी थी। साथ ही उन्हें लिखीत में भी अपनी मांगें सौंपी थी।

Created On :   23 July 2026 12:01 AM IST

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