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आखिर क्यों इस देश के राष्ट्रपति को महिलाओं से मांगनी पड़ी 'माफी'

December 04th, 2017 11:53 IST
आखिर क्यों इस देश के राष्ट्रपति को महिलाओं से मांगनी पड़ी 'माफी'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी को 'पारंपरिक हिजाब' पर किए गए अपने एक कमेंट के बाद महिलाओं से माफी मांगनी पड़ी है। दरअसल, हाल ही में कुछ लोगों ने गनी सरकार के अधिकारियों पर इस्लामिक स्टेट (ISIS) से संबंध होने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद प्रेसिडेंट गनी ने कहा था कि आरोप लगाने वालों को 'महिलाओं की चादर' पहन लेनी चाहिए। गनी के इस बयान के बाद देशभर में उनका काफी विरोध किया गया था, जिसके बाद प्रेसिडेंट गनी ने अपने इस बयान पर माफी मांगी है।

क्या कहा था गनी ने? 

दरअसल, पिछले कई दिनों से अफगानिस्तान में अशरफ गनी की सरकार विरोधों का सामना कर रही है। अफगानिस्तान में कई लोगों ने गनी सरकार के कई बड़े ऑफिसर्स के संबंध ISIS से होने की बात कही है। लोगों ने आरोप लगाए हैं कि गनी सरकार के कई बड़े अधिकारियों के संबंध आतंकी संगठन से है। इसके बाद खुद प्रेसिडेंट अशरफ गनी ने सामने आकर अपनी सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा था कि 'जो लोग भी इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, उन्हें सबूत पेश करने चाहिए। वरना महिलाओं की 'चादर' पहन लेनी चाहिए।' इसके बाद से ही लोगों ने इसे 'सेक्सिस्ट कमेंट' मानकर सरकार की आलोचना करनी शुरू कर दी थी। 

देशभर में शुरू हुआ विरोध

प्रेसिडेंट अशरफ गनी के इस बयान के बाद अफगानिस्तान में उसका विरोध भी तेज हो गया। महिला सांसदों ने भी गनी के इस बयान पर अपनी नाराजगी जताते हुए उनसे माफी की मांग की थी। देश में वुमन राइटर्स की मदद करने वाली ऑर्गनाइजेशन 'फ्री वुमन राइटर्स' ने भी सोशल मीडिया पर प्रेसिडेंट गनी की बात का जवाब लिखा कि 'अब अफगानी महिलाओं के लिए कौन उम्मीद बनेगा, जब उनके प्रेसिडेंट खुद ये सोचते हैं कि महिला होना शर्म की बात है।

सरकार को मांगनी पड़ी माफी

अपने दिए इस बयान के बाद अशरफ गनी को देश की महिलाओं से माफी मांगनी पड़ी। माफी मांगते हुए प्रेसिडेंट ने कहा कि उनकी बात को गलत तरह से लिया गया। प्रेसिडेंट ऑफिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि 'प्रेसिडेंट हमेशा से वुमन राइट्स के सपोर्टर रहे हैं और उन्होंने प्रेसिडेंट के तौर पर अफगान में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।' इसमें आगे कहा गया है कि 'प्रेसिडेंट ने 'चादर' शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसे गलत समझा गया।' बयान में कहा गया है कि 'प्रेसिडेंट का मकसद महिलाओं को आहत करना नहीं था।

2014 में बने थे प्रेसिडेंट

अशरफ गनी ने 2014 में अफगानिस्तान के प्रेसिडेंट के तौर पर कमान संभाली थी। इसके बाद उन्होंने करप्शन से निपटने का वादा किया था। देश के प्रेसिडेंट बनने से पहले अशरफ गनी सरकार में फाइनेंस मिनिस्टर भी रह चुके हैं। इसके अलावा वो वर्ल्ड बैंक में भी काम कर चुके हैं। प्रेसिडेंट गनी ने जब सरकार पर आरोप लगाने वालों को महिलाओं की 'चादर' पहनने की सलाह दी, तो लोगों ने उनकी कड़ी आलोचना शुरू कर दी। जिसके बाद उन्हें 'माफी' मांगनी पड़ी। 

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