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रूस की इन इमारतों में दफन हैं मुर्दे, वीरान पड़ा पूरा शहर

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 02nd, 2017 15:38 IST

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डिजिटल डेस्क, माॅस्को।  इस शहर को मुर्दों के शहर के नाम से जाना जाता है। इस रास्ते पर दिन में जाने से भी लोग डरते हैं। यह जगह ऊंचे पहाड़ों के बीच छिपा है। यहां अनगिनत इमारते हैं जो तहखाने की तरह हैं और सफेद पत्थरों से बनी हैं। ये तहखाने या इमारतें कहीं-कहीं चार मंजिला तक देखने मिलती हैं। यह रशिया के उत्तरी ओसेटिया के  वीरान इलाके में दर्गाव्स गांव मौजूद है।  

इमारत जितनी बड़ी उतने अधिक शव

इस जगह के बारे में आपको जानकर सचमुच हैरानी होगी। इन तहखाना नुमा इमारतों में लोगों के शव दफनाए गए हैं। जो तहखाना या इमारत जितना अधिक बड़ा है उसमें उतने अधिक शव दफनाए गए हैं। ये सभी तकरीबन 16वीं शताब्दी के बताए जाते हैं और ये कोई शहर या तहखना नही, बल्कि एक कब्रिस्तान है। जहां इतनी अधिक संख्या में लोगों को दफनाया गया है। 

वीरान होने की वजह से काफी डरावनी

प्रत्येक कब्र या तहखाना एक परिवार विशेष से संबंधित है। मतलब एक परिवार के सदस्यों के लिए एक तहखाना या इमारत। यह जगह वीरान होने की वजह से काफी डरावनी भी लगती है। यहां आने से लोग डरते हैं। कभी कोई आता भी तो वह जो इस पर रिसर्च कर रहे हैं। यहां जाने का रास्ता भी बेहद सकारा है और इस स्थान तक पहुंचने में तीन घंटे का समय लगता है। 

कब्र के पास ही नावें भी मिली

पुरातत्वविदों को यहां कब्र के पास ही नावें भी मिली हैं जिसे लेकर अनुमान लगाया गया है कि इस पर बैठकर ही मृतक संसार को पार करता है। स्वर्ग तक जाने के लिए उसे एक नदी पार करना होती है जिसके लिए नाव की आवश्यकता है। इन्हें लकड़ी के ढांचे में दफनाया गया था।   इसके पास ही एक कुआं भी मिला है। जिसमें सिक्के पाए गए हैं। इस संबंध में कहा जाता है कि सिक्का यदि कुएं के तल से टकराया तो समझो मृतक स्वर्ग तक पहुंच गया।

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