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राजनयिकों का पीछा, फर्जी कॉल और निगरानी, भारत ने की पाक से शिकायत

March 19th, 2019 12:39 IST
राजनयिकों का पीछा, फर्जी कॉल और निगरानी, भारत ने की पाक से शिकायत

हाईलाइट

  • भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को एक नोट वर्बेल जारी किया है।
  • पाकिस्तानी एजेंसियां ​​इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को फिर से परेशान कर रही हैं।
  • भारतीय राजनयिकों के उत्पीड़न की मौजूदा घटना 8 से 11 मार्च के बीच हुई थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को एक नोट वर्बेल जारी किया है जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी एजेंसियां ​​इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को फिर से परेशान कर रही हैं। भारत ने मार्च महीने के ऐसे वाकयो को सूचीबद्ध किया है और पाकिस्तान से इस मामले की जांच करने को कहा है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और ऐसे वक्त में ये घटना सामने आई है।

अधिकारी ने बताया कि भारत ने इस्लामाबाद में अपने राजनयिकों और अधिकारियों के उत्पीड़न के 15 से ज्यादा मामलों के बारे में औपचारिक रूप से शिकायत की है। भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को बताया है कि कैसे पाकिस्तान के दो कर्मियों को रोजाना भारतीय उच्चायोग की कार का पीछा करते देखा गया है। भारतीय राजनयिकों के उत्पीड़न की मौजूदा घटना 8 से 11 मार्च के बीच हुई थी, जिसमें न केवल उनका आक्रामक तरीके से पाकिस्तान सुरक्षाकर्मियों द्वारा पीछा किया गया था, बल्कि उन पर लगातार निगरानी रखी गई थी। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों को अधिकारियों के निवास पर स्थानीय सुरक्षा गार्डों के पास जाते हुए और सूचनाएं देने के लिए दबाव बनाते देखा गया है।

अधिकारी ने बताया कि 8 मार्च को बैंक जाते समय सचिव का पाक सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आक्रामक रूप से पीछा किया गया था। उसी दिन, भारतीय नौसैनिक सलाहकार का चांसलरी से उनके निवास स्थान पर जाते समय बाइक से पीछा किया गया। 9 मार्च को, भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर जहां-जहां भी गए वहां बाइक से पीछा किया गया था। इसके बाद भारतीय नौसेना सलाहकार का लगातार दूसरे दिन फिर से बाइक से पीछा किया गया। भारतीय राजनयिकों को परेशान करने का ये सिलसिली 10 मार्च को भी जारी रहा। इस दिन भी डिप्टी हाई कमिश्नर का पीछा किया गया। पाकिस्तानी एजेंसी के कर्मियों को स्थानीय सुरक्षा गार्डों से मिलते हुए देखा गया और अधिकारी की उपलब्धता, रहने वालों के विवरण के बारे में पूछा गया।

इन दो अधिकारियों के अलावा इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में पिछले कुछ दिनों से होक्स कॉल आ रहे हैं। भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया कि ये घटनाएं वियना कंवेंशन का उल्लंघन है। भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक मिशनों का कामकाज वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस, 1961 और 1992 में दोनों देशों द्वारा हस्ताक्षरित बायलेटरल कोड ऑफ कंडक्ट द्वारा नियंत्रित है।

भारत-पाकिस्तान 1992 कोड ऑफ कंडक्ट कहता है कि राजनयिक कर्मियों के परिसर की सुरक्षा और संरक्षा, उनके परिवारों का सम्मान और सुरक्षा की जाएगी। इसमें यह भी कहा गया है कि मौखिक-शारीरिक उत्पीड़न और आक्रामक निगरानी की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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