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बिहार-असम में बाढ़ का कहर, अब तक 44 लोगों की मौत, लाखों प्रभावित


हाईलाइट

  • बाढ़ की वजह से बिहार में 24, असम में 15 लोगों की मौत
  • असम के 33 में से 30 जिले बाढ़ की चपेट में, करीब 43 लाख लोग प्रभावित
  • नेपाल में भारी बारिश के बाद बिहार के 12 जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार और असम समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। बिहार और असम में बाढ़ की वजह से गंभीर स्थिति बनी हुई है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक करीब 44 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। कई नदियां खतरे की निशान के ऊपर बह रही हैं। पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश के कारण बिहार के करीब 12 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव कार्य तेजी से जारी है। लोगों को राहत कैंपों में पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर स्थिति का जायजा लिया और इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

असम के 33 में से 30 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 43 लाख लोग प्रभावित हैं। बाढ़ ने 15 लोगों की जान भी ले ली है। बाढ़ की वजह से काजीरंगा नेशनल पार्क का 70 फीसदी हिस्सा पानी में डूब गया है। शिकारियों से बचने के लिए वन विभाग अलर्ट पर है। 

इसके अलावा, पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य और मानस राष्ट्रीय उद्यान भी जलमग्न हैं। 10 लाख से ज्यादा पशु भी प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया, राज्य के 4,157 गांवों के 42.87 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर राज्य के हालात की जानकारी ली। पीएम ने स्थिति से निपटने के लिए असम सरकार को सभी तरह की सहायता देने का भरोसा दिया है।

बिहार में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 24 हो गई है। नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद राज्य के 12 जिलों में आई बाढ़ से 25.66 लाख लोग प्रभावित हैं। बिहार के सीतामढ़ी, मुज़फ़्फ़रपुर, पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, किशनगंज और शिवहर बाढ़ की चपेट में हैं। मोतिहारी की सभी नदियां उफान पर हैं। कमला बलान, कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर बढ़ते जा रहे हैं। दरभंगा में कमला नदी का तटबंध टूटने से नए हिस्से बाढ़ की चपेट आ गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई मुआयना भी किया।

मिजोरम में खतलंगतुईपुई नदी में बाढ़ आने की वजह से 32 गांव प्रभावित हुए हैं। कम से कम एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। यहां पांच लोगों की मौत हो गई है। मेघालय में पिछले सात दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से दो नदियों में बाढ़ आ गई है। पश्चिम गारो हिल्स जिले के मैदानी इलाकों में पानी घुसने से करीब 1.14 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। त्रिपुरा में सैलाब के हालात में सुधार के संकेत मिले हैं क्योंकि दो नदियों में पानी का स्तर कम हो गया है। अगरतला में बाढ़ जैसे हालात की वजह से स्कूल में बने राहत कैंप में लोग शिफ्ट हुए है।

बारिश और भूस्खलन के कारण त्रिपुरा और मिजोरम का देश के बाकी हिस्से से रेल मार्ग से संपर्क भी टूट गया है। एनडीआरएफ की 119 टीमों को असम और बिहार समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। इन क्षेत्रों पर करीब से निगाह रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में एक 24x7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

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