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370 मामला: SC का केन्द्र को नोटिस, 5 जजों की संवैधानिक बेंच करेगी सुनवाई

370 मामला: SC का केन्द्र को नोटिस, 5 जजों की संवैधानिक बेंच करेगी सुनवाई

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर पर आज 'सुप्रीम' सुनवाई
  • सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 370 पर आज सुनी जाएंगी 10 याचिकाएं
  • मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं 10 याचिकाएं

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को हटाए जाने के संबंध में दायर कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज (28 अगस्त) सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने करीब 14 याचिकाओं पर सुनवाई की और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले को संवैधानिक पीठ को सौंप दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सीपीएम नेता सीताराम येचुरी को भी श्रीनगर जाने की इजाजत दे दी है।

केन्द्र सरकार और अन्य सभी को नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया, अक्टूबर के पहले हफ्ते में 5 जजों की संवैधानिक बेंच जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 के हटाए जाने से जुड़ी सभी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार की जम्मू कश्मीर के लिए मध्यस्थताकर्ता नियुक्त करने की मांग को खारिज कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर टाइम्स की एक्जिक्युटिव एडिटर अनुराधा भसिन द्वारा दायर की गई याचिका जिसमें कश्मीर में इंटरनेट, लैंजलाइन और बाकी संचार माध्यमों की बहाली को कम करने की मांग की गई थी, पर केन्द्र को नोटिस जारी कर 7 दिनों के अंदर जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीपीएम नेता सीताराम येचुरी को भी जम्मू कश्मीर जाने और उनकी पार्टी के नेता, पूर्व विधायक यूसुफ तारिगामी से मिलने की इजाजत दे दी है। येचुरी को सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा, हम आपको जाने की इजाजत दे रहे हैं, आप एक पार्टी के महासचिव हैं। किसी और काम के लिए मत जाइएगा।

SC ने याचिकाकर्ताओं में से एक मोहम्मद अलीम सईद को जम्मू कश्मीर जाकर अपने माता-पिता से मिलने की इजाजत दी। जम्मू कश्मीर पुलिस को याचिकाकर्ता को सुरक्षा देने का आदेश भी दिया है। जामिया के छात्र के द्वारा दायर याचिका पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पूछा, आज क्या पॉजिशन है, क्या आप अपने माता-पिता से संपर्क कर पाए। चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता को अनंतनाग जाने की अनुमति दी, ताकि वह अपने परिवार से मिल सके और बाद में दोबारा कोर्ट को रिपोर्ट करे। सॉलिसिटर जनरल ने कहा वह इसकी व्यवस्था करेंगे।

गौरतलब है कि, मोदी सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को स्पेशल स्टेटस देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 को हटा दिया था। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केन्द्र शासित राज्य बनाने के बाद कई संगठन, नेता और ग्रुप सरकार के इस फैसले के खिलाफ हैं। 

बता दें कि सभी याचिकाकर्ताओं के मुद्दे अलग-अलग हैं। कुछ याचिकाएं आर्टिकल 370 को हटाने के खिलाफ है। कुछ जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के खिलाफ, जबकि कुछ अभी तक घाटी में जारी पाबंदियों के खिलाफ दायर की गई हैं। याचिका दायर करने वाले लोगों में मोहम्मद अकबर लोन, जस्टिस (रिटायर्ड) हसन मसूदी, शाह फैसल, शेहला रशीद, सीताराम येचुरी प्रमुख हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच में इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई की। 

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