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केन्द्र को आदेश जारी करने पर SC की 'ना', आजाद को कश्मीर जाने की 'हां'

केन्द्र को आदेश जारी करने पर SC की 'ना', आजाद को कश्मीर जाने की 'हां'

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर मामले पर अहम सुनवाई
  • सुप्रीम कोर्ट को कश्मीर पर सरकार को आदेश जारी करने से इनकार
  • गुलाम नबी आजाद को कश्मीर जाने की परमिशन

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। जम्मू-कश्मीर राज्य से आर्टिकल 370 के खिलाफ दायर की गई आठ याचिकाओं पर आज (सोमवार) सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को कश्मीर को लेकर किसी भी प्रकार का आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान कहा है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर संचार व्यवस्था को सुचारू करने का फैसला ले। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने केंद्र को कई मामलों में नोटिस जारी किया है।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि 5 अगस्त के बाद से अभी तक घाटी में किसी तरह की जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। 87 फीसदी कश्मीर से पाबंदियों को हटा दिया गया है। जम्मू और लद्दाख में कोई पाबंदी नहीं है। सरकार ने कहा कि मेडिकल, सब्जी, आम बाजार सभी खुले हुए हैं। बता दें कि इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। 

जम्मू-कश्मीर में संचार सेवाओं को लेकर पत्रकार अनुराधा भसीन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि घाटी संचार माध्यम की कोई सुविधा नहीं है। हालांकि, अटॉर्नी जनरल ने जवाब दिया कि श्रीनगर-जम्मू में लगातार अखबार छप रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत में पूछा कि अभी तक कश्मीर में संचार व्यवस्था चालू क्यों नहीं है। जिस पर अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि मीडिया पर्सन संचार व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें दूरदराज के इलाकों में जाने की सुविधा भी है। वहीं इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

कश्मीर को लेकर सीताराम येचुरी द्वारा दाखिल की गई याचिका पर कोर्ट ने तुरंत सुनवाई पर सवाल किया। चीफ जस्टिस गोगोई ने सुनवाई के दौरान कहा कि एमवाई तारिगामी की लोकेशन का पता चल गया है, ऐसे में सुनवाई की जल्दी क्या है। कोर्ट ने इस दौरान उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली। सरकार की ओर से बताया गया कि वह अभी जम्मू-कश्मीर भवन में हैं। चीफ जस्टिस गोगोई ने पूछा कि जब  कश्मीर जाने की परमिशन दे दी गई है तो उन्हें अभी तक जम्मू-कश्मीर भवन में क्यों रखा गया है।अगर उनकी तबीयत ठीक है और वो जाना चाहते हैं तो क्यों उन्हें रोका जा रहा है।

आजाद को मिली परमिशन 
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी जम्मू-कश्मीर जाने की परमिशन मांगने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर उन्हें परमिशन मिल चुकी है। आजाद का कहना है कि वह अपने परिवार से मिलना चाहते हैं। इससे पहले जब वह श्रीनगर पहुंचे थे, तो उन्हें प्रशासन ने एयरपोर्ट से ही वापसी का टिकट थमा दिया था।

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