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मानवाधिकार आयोग ने शुरु की पुलिस हिरासत में मौत की जांच, सरकार देगी 10 लाख मुआवजा

मानवाधिकार आयोग ने शुरु की पुलिस हिरासत में मौत की जांच, सरकार देगी 10 लाख मुआवजा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य मानवाधिकार आयोग ने विजय सिंह नाम के युवक की हिरासत में मौत के मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस महानिरीक्षक अब्दुर रहमान मामले की छानबीन करेंगे। मामले की पहली सुनवाई 14 नवंबर को होगी। आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि कोई भी मानवाधिकार आयोग आकर इस मामले में अपना बयान दर्ज करा सकता है। मानवाधिकार आयोग कानूनी स्वायत्त संस्था है जो मानवाधिकार कानून 1993 के उल्लंघन की निगरानी करता है। मानवाधिकार आयोग से जुड़े सूत्र ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि आयोग विजय सिंह की हिरासत में मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की तैयारी कर रहा था इसी बीच मुंबई राकांपा प्रमुख नवाब मलिक इस मुद्दे पर प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य मानवाधिकार आयोग के अधिकारियों से मिले और मामले की जांच की मांग की। मानवाधिकार आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष एमए सईद ने दूसरे अधिकारियों से साथ शुक्रवार कर बैठक की और मामले का जायजा लिया।

मानवाधिकार आयोग की एक टीम जल्द ही वडाला टीटी पुलिस स्टेशन जाएगी और पुलिसवालों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेगी। मामले में राज्य के गृहमंत्री और मुंबई पुलिस कमिश्नर को समन भेजा जा सकता है लेकिन इस पर अंतिम फैसला पहली सुनवाई के बाद लिया जाएगा। दूसरी ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात की पुष्टि की है कि सिंह के परिवार वालों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बता दें कि 27 अक्टूबर को सिंह को कुछ लोगों से विवाद के बाद वडाला टीटी पुलिस ने हिरासत में लिया था। सिंह के परिवार वालों का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई, पीने के लिए पानी नहीं दिया गया और सीने में दर्द की शिकायत के बावजूद अस्पताल पहुंचाने में देरी की गई। सिंह की मौत के बाद इलाके में लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था जिसके बाद पांच पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया।


 

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