comScore

पंचतत्व में विलीन हुए बाबूलाल गौर,राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

पंचतत्व में विलीन हुए बाबूलाल गौर,राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

हाईलाइट

  • बाबूलाल गौर ने बुधवार सुबह भोपाल के नर्मदा हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बाबूलाल गौर पंचतत्व में विलीन हो गए। लंबे समय से बीमार बाबूलाल गौर ने भोपाल के नर्मदा हॉस्पिटल में बुधवार सुबह अंतिम सांस ली। गौर पिछले 14 दिन से अस्‍पताल में भर्ती थे। उन्‍हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। बुधवार सुबह निधन के बाद बाबूलाल गौर का पार्थिव शरीर पहले उनके आवास ले जाया गया। इसके बाद अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को बीजेपी ऑफिस में रखा गया। दोपहर में सुभाष नगर के विश्राम घाट पर बाबूलाल गौर का अंतिम संस्कार किया गया। पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ गौर को अंतिम विदाई दी गई। 

बता दें कि, बाबूलाल गौर 23 अगस्त 2004 से लेकर 29 नवंबर 2005 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पीएम मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश के विकास के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे।

पूर्व सीएम गौर के निधन पर मध्य प्रदेश सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। आज ही राजकीय सम्मान के साथ गौर को अंतिम विदाई दी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबूलाल गौर के निधन पर दुख जताते हुए कहा, बाबूलाल गौर जी का लम्बा राजनीतिक जीवन जनता-जनार्दन की सेवा में समर्पित था। जनसंघ के समय से ही उन्होंने पार्टी को मज़बूत और लोकप्रिय बनाने के लिए मेहनत की। मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश के विकास के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे।

बाबूलाल गौर के निधन पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने ट्वीट कर दुख जताया है। सिंह ने कहा, यह कहते हुए दुःख हो रहा है कि हमारे मार्गदर्शक भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने प्रदेश में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान प्रदान करे।

बीजेपी के कद्दावर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब थी। फेफड़ों में इंफेक्शन की शिकायत के कारण गौर भोपाल के नर्मदा अस्पताल में भर्ती थे। शुरुआती जांच के बाद उनमें निमोनिया के लक्षण पाए गए थे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखने का फैसला लिया था।

पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे बाबूलाल गौर
89 वर्षीय बाबूलाल गौर की तबीयत मंगलवार को ज्यादा बिगड़ गई थी। उनका ब्लड प्रेशर कम होने के साथ पल्स रेट भी गिर गया था। गौर की किडनी पूरी तरह काम नहीं कर रही थी। वे पिछले 14 दिनों से नर्मदा अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने के बाद बीजेपी के कई नेता उनसे मिलने पहुंचे थे। बता दें कि पिछले महीने भी गौर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उस समय भी अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी। बाद में बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से उन्हें दिल्ली भी ले जाना पड़ा था।

यूपी के प्रतापगढ़ में हुआ था जन्म
बाबूलाल गौर का जन्म 2 जून, 1930 को उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ ज़िला के नौगीर गांव में हुआ था। वे बचपन से ही भोपाल में रहे। बाबूलाल गौर ने अपनी शैक्षणिक योग्यताओं में बी.ए. और एल.एल.बी. की डिग्रियां प्राप्त की थीं। गौर पहली बार 1974 में भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जनता समर्थित उम्मीदवार के रूप में निर्दलीय विधायक चुने गये थे।

गौर को कई पुरस्कार भी मिले
गौर 7 मार्च, 1990 से 15 दिसम्बर, 1992 तक मध्य प्रदेश के स्थानीय शासन, विधि एवं विधायी कार्य, संसदीय कार्य, जनसम्पर्क, नगरीय कल्याण, शहरी आवास तथा पुनर्वास एवं 'भोपाल गैस त्रासदी' राहत मंत्री रहे। 4 सितंबर, 2002 से 7 दिसंबर, 2003 तक मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। सामाजिक तथा सार्वजनिक जीवन में किये गये विभिन्न महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिये गौर को कई सम्मान तथा पुरस्कार मिले। 

गौर 1974 में भोपाल की गोविंदपुरा सीट पर उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में खड़े हुए और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने इस सीट से लगातार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया। वे लगातार 10 विधानसभा चुनाव जीते। बाबूलाल गौर 23 अगस्त, 2004 से 29 नवंबर, 2005 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्हें 4 दिसंबर, 2005 को शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्यिक कर रोज़गार, सार्वजनिक उपक्रम तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। 20 दिसंबर, 2008 को उन्हें शिवराज सिंह के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में फिर से सम्मिलित किया गया था।

बाबूलाल गौर को सख्त छवि के लिए भी जाना जाता है। नगरीय प्रशासन मंत्री रहते हुए उन्होंने अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलवा दिए थे। तब से उन्हें बुलडोजर मंत्री के रूप में पहचाना जाने लगा।

कमेंट करें
y7mAo